पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा अपनी पूरी मजबूत तैयारी से साथ चुनावी मैदान में उत्तर चुकी है। इससे राज्य में सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के लिए 2011 के बाद सबसे कठिन चुनौती मिल रही है। तरुण गगोई, शीला दीक्षित, अरविन्द केजरीवाल और बिहार में लालू-यादव राबड़ी देवी के जैसे लगातार तीन बार सत्ता में रहने के बाद इस बार ममता बनर्जी उन्हीं की तरह चुनावी लड़ाई लड़ रही हैं। भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पश्चिम बंगाल में अपनी मजबूत पकड़ के साथ राज्य में अपनी चुनौती को मजबूत किया है। भाजपा 2021 में नंदीग्राम विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनाव में पटखनी देकर उनके राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा झटका दिया था। ऐसा झटका ज्योति बसु के समय में वाम दल और कांग्रेस पार्टी भी कभी ममता बनर्जी को नहीं दे सके थे।
बंगाल में भाजपा बढ़ा मत प्रतिशत
भाजपा 2019 के बाद राज्य के कुल 294 विधानसभा की सीटों में कम से कम 173 सीट पर कभी ना कभी 40 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त कर चुकी है। साथ ही इन तीन चुनावों में भाजपा 62 विधानसभा की सीटों पर कम से कम एक बार 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त कर चुका है। भाजपा का इसी तरह का राजनीतिक उछाल त्रिपुरा, असम, हरियाणा, ओडिशा सहित कई अन्य राज्यों में देखने को मिला है।

विगत 2021 के राज्य विधानसभा चुनाव में भाजपा को सर्वाधिक कुल मत 1,39,785 और प्रतिशत मत 58.10 प्रतिशत दार्जिंलिंग जिले के माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा सीट पर मिला था। 2021 में भाजपा ने जिन 77 सीटों पर जीत दर्ज़ किया था, उनमें 18 विधानसभा की सीटों पर 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त किया था। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का 77 सीटों पर जीत का औसत अंतर 13873 मतों का था। इस विधानसभा चुनाव में 61 विधानसभा की सीटों पर भाजपा को 45 प्रतिशत से 50 प्रतिशत के बीच और 64 सीटों पर 45 प्रतिशत से कम मगर 40 प्रतिशत से अधिक मत मिला था।
2021 में भाजपा को कुल 143 सीटों पर 40 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त किया था। 2016 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 291 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 263 सीटों पर पार्टी का जमानत जब्त हुआ था। वहीं 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का महज 10 सीटों पर ही जमानत जब्त हुआ था। भाजपा ने इतने कम समय काल में पश्चिम बंगाल में अपने जनाधार में इतना विस्तार किया था कि 2021 के चुनाव से पूर्व ममता बनर्जी भाजपा के खिलाफ अन्य दलों के एकजुट होने तक की अपील जारी किया था।
लोकसभा में 90 विस सीटों पर पहले पायदान पर थी भाजपा
2024 के लोकसभा में भाजपा 90 विधानसभा की सीटों पर प्रथम पायदान पर रही थी। लोकसभा चुनाव में भाजपा को सर्वाधिक मत प्रतिशत सिलीगुड़ी विधानसभा सीट पर 63.9 प्रतिशत (114570) मत मिला था। वहीं कुल मतों के हिसाब से भाजपा को सर्वाधिक मत डाबग्राम-फुलबारी विधानसभा सीट पर 156023 (60.3%) मिला था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 36 विधानसभा की सीटों पर 50% से अधिक मत प्राप्त किया था। वहीं इस चुनाव में भाजपा को 46 सीटों पर 50 प्रतिशत से कम मगर 45 प्रतिशत से अधिक मत मिला था। 64 सीटों पर 40 प्रतिशत से 45 प्रतिशत के बीच मत भाजपा को मिला था।
इस प्रकार 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कुल 146 विधानसभा की सीटों पर सीटों पर 40 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त किया था। भाजपा के लिए 2024 का यह प्रदर्शन काफी महत्वपूर्ण रहा था। क्योंकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 148 सीट किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत के लिए चाहिए। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा जहाँ 90 सीटों पर प्रथम पायदान पर रही थी। वहीं 177 सीटों पर दूसरे पायदान पर रही थी और कुल 267 विधानसभा की सीटों पर सीधे टक्कर में थी। 2024 में भाजपा को विधानसभा वार मतों के हिसाब से 13 सीटों पर जमानत जब्त हुई थी।
विगत तीन चुनावों में भाजपा का दमदार प्रदर्शन
2019 के लोकसभा के चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन राज्य के विगत तीन चुनावों में विधानसभा वार सबसे उम्दा रहा था। 2019 के लोकसभा के चुनाव में भाजपा 121 विधानसभा की सीटों पर प्रथम पायदान पर रही थी और 150 सीटों पर दूसरे पायदान पर रही थी। 2019 में भाजपा कुल 271 विधानसभा की सीटों पर सीधे मुकाबले में रही थी। 2019 में कुल 56 सीटों पर भाजपा को 50 प्रतिशत से अधिक मिला था और प्रथम पायदान पर रही थी। भाजपा को 45 सीटों पर 50 प्रतिशत से कम मगर 45 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त किया था। वहीं 66 सीटों पर 40 प्रतिशत से 45 प्रतिशत के बीच मत भाजपा को मिला था। 2019 के लोकसभा के चुनाव में भाजपा को कुल 167 सीटों पर 40 प्रतिशत से अधिक मत मिला था। 2019 में भाजपा को मत प्रतिशत के हिसाब से सर्वाधिक मत दार्जीलिंग विधानसभा सीट पर 72.8 प्रतिशत (119428 मत) मिला था। वहीं कुल मतों के हिसाब से डाबग्राम-फुलबारी विधानसभा सीट पर 150566 (62.83%) मत मिला था। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की 16 विधानसभा सीटों पर जमानत जब्त हुई थी।

















