हरिद्वार: उत्तराखंड और केंद्र की मोदी सरकार ने गंगा नगरी हरिद्वार में कुंभ की दृष्टि से एक और बड़ी योजना को पूरी करने में सफलता हासिल की है। गंगा की पवन में आने जाने वाले श्रद्धालु अब हरिद्वार में श्रद्धा और आस्था का बेहतर संगम देख सकेंगे। उत्तराखंड का सबसे बड़ा पुल बनकर तैयार है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से गंगा के ऊपर इस पुल को बनाया गया है। कुंभ में इसका लाभ यात्रियों के साथ इसका सिडकुल के लाखों फैक्ट्रियों को इसका लाभ मिलेगा। हरिद्वार में निर्माणाधीन हरिद्वार बाईपास परियोजना के तहत इस विशाल पुल का निर्माण किया जा रहा है। गंगा के ऊपर फोर लाइन आधुनिक पुल के लंबाई 2.50 किलोमीटर से ज्यादा है। बाईपास परियोजना के 15 किलोमीटर का बाईपास बनाया जा रहा है।
इसकी कुल लागत 861 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही वाइल्ड लाइफ को देखते हुए एलिफेंट कॉरिडोर का निर्माण भी किया जा रहा है।यह पुल हरिद्वार-दिल्ली राजमार्ग को नजीबाबाद-हरिद्वार राजमार्ग से जोड़ेगा। इससे सहारनपुर हरियाणा पंजाब और हिमाचल राज्यों की दूरी भी कम हो जाएगा और सफर में हरिद्वार की जाम से भी छुटकारा मिल जाएगा। जानकारी के मुताबिक, कुंभ 2027 से पहले इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा फिलहाल इस पुल पर निर्माण एजेंसी का ट्रायल चल रहा है।
हरिद्वार में यूपी से उत्तराखंड को आने वाला चंडीघाट का पुल भी डबल लेन में परिवर्तित हो चुका है और अब इस नए पुल के बन जाने से हरिद्वार से बहादराबाद सीधे पहुंच जाने के स्वप्न को साकार होते हुए देखा जा रहा है।











