अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा था कि ईरान में नया शासन आ जाएगा। लेकिन अब इजरायल की सेना (IDF) ने अपनी संसद को बताया है कि अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व वाला नया रिजीम पुराने से भी ज्यादा कट्टर और खतरनाक है। यह बात 40 दिनों से चल रहे युद्ध के बाद सामने आई है। इस युद्ध में इजरायल ने ईरान पर भारी बमबारी की थी। इसका मकसद रिजीम चेंज करना था, लेकिन नतीजा उल्टा निकला।
IDF की रिपोर्ट क्या कहती है?
इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने अपनी संसद की विदेशी मामलों और रक्षा समिति को बंद कमरे में विवरण दिया। इसमें IDF ने साफ किया कि नया ईरानी नेतृत्व इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से आया है। ये लोग पुरानी राजनीतिक लीडरशिप से कहीं ज्यादा कट्टर और विचारधारा के मामले में सख्त हैं।
टाइम्स ऑफ इजरायल ने आज दो सूत्रों के हवाले से दावा किया कि ईरान की नई रिजीम पुराने से ज्यादा कट्टरपंथी है। इजरायल के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि ईरान को वो अपना अस्तित्व का खतरा मानता है।
युद्ध में क्या-क्या हुआ?
इजरायली एयर फोर्स ने ईरान के अंदर 1,000 से ज्यादा हमले किए। कुल 8,500 से अधिक ऑपरेशनल सॉर्टीज की गईं। IDF के मुताबिक करीब 4,000 टारगेट्स को निशाना बनाया गया।अमेरिका को भी इस युद्ध में भारी नुकसान हुआ। उसके कई मिलियन डॉलर के सैन्य उपकरण नष्ट हो गए। दो अमेरिकी एयरमैन को ईरान के अंदर से रेस्क्यू करना पड़ा, जो बहुत जोखिम भरा ऑपरेशन था।
पूरे मध्य पूर्व में ईंधन उत्पादक देशों पर भी असर पड़ा। 40 दिनों के इस युद्ध से दुनिया भर में ईंधन और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की कमी हो गई है।
मोजतबा खामेनेई हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर
9 मार्च को ईरान के धार्मिक निकाय ने सर्वसम्मति से मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना था। वो अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। पहले वो बहुत कम सामने आते थे, लेकिन पर्दे के पीछे काफी प्रभावशाली माने जाते थे।
मोजतबा एक मौलाना हैं और उनकी विचारधारा काफी हार्डलाइन वाली है। राज्य मीडिया ने उन्हें देश का तीसरा सुप्रीम लीडर बताया था। उन्होंने अपने पहले संदेश में कहा कि ईरान हमलों से और मजबूत होकर निकला है और वो इस्लामिक रिपब्लिक के अधिकारों की रक्षा करेंगे।
















