हैदराबाद (हि.स.) । पश्चिम बंगाल में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के नेता हुमायूं कबीर का एक विवादित वीडियाे सामने आने के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने उनकी पार्टी से अपना गठबंधन ताेड़ लिया है। एआईएमआईएम ने पश्चिम बंगाल में अकेले दम पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। एआईएमआईएम ने ऐसे बयानों पर चिंता भी व्यक्त की जो मुसलमानों की एकता पर सवाल उठाते हैं।
एमआईएम का आधिकारिक बयान
शु्क्रवार काे सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में एमआईएम की ओर से कहा गया है कि यूजेयूपी के नेता हुमायुं कबीर के हालिया “खुलासों” ने बंगाल में मुसलमानों की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह ऐसे किसी भी रुख के साथ नहीं जुड़ सकती जो समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचाता हो। अपनी राजनीतिक रणनीति पर जोर देते हुए एमआईएम ने कहा कि उसका लक्ष्य हाशिए पर रहने वाले समुदायों को एक स्वतंत्र आवाज देना है। पार्टी ने लिखा कि वह भविष्य में पश्चिम बंगाल का चुनाव बिना किसी गठबंधन के लड़ेगी।
विवादित वीडियो से बढ़ी राजनीतिक हलचल
उल्लेखनीय है कि हुमायूं का एक विवादित वीडियो वायरल हाेने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हाे गई। इस वीडियाे में कथित तौर पर नेता हुमायूँ कबीर को सुवेंदु अधिकारी और हिमंत बिस्वा सरमा सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ अपने संबंधों के बारे में बात करते दिखाया गया है। इसमें हुमायूं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कमजोर करने की रणनीति के तहत भाजपा से अपने संबंधाें की चर्चा करते भी दिख रहे हैं।
वीडियो को बताया गया फर्जी
इस वीडियाे में कबीर कथित तौर पर यह कहते दिखते हैं कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय के संपर्क में थे और उन्हें भाजपा शासित राज्यों के नेताओं के साथ समन्वय करने की सलाह दी गई थी। हालांकि इस वीडियाे के वायरल हाेनेे के बाद हुमायूं कबीर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और वीडियो को “फर्जी” बताया।
टीएमसी से निलंबन के बाद बनाई थी नई पार्टी
दरअसल, हुमायूं कबीर काे पिछल साल ममता बनर्जी ने टीएमसी से निलंबित कर दिया था। इसके बाद हुमायूं ने अलग पार्टी’ बना ली थी और राज्य विधानसभा चुनाव में औवेशी की पार्टी एमआईएम से गठबंधन किया था।













