लखनऊ । नगर निगम लखनऊ ने अवैध ढंग से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ सत्यापन अभियान चलाया तो पाया गया कि इनमे से अधिकतर बांग्लादेशी सफाई कार्यों में लगे हुए थे। सख्ती को देखते हुए करीब 180 से अधिक सफाई कर्मी गायब हो गए हैं। इस दौरान डोर टू डोर कलेक्शन ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है। इन सफाई कर्मियों की पहचान बिना उचित सत्यापित किये ही उनको कार्य पर लगा दिया गया था। जांच शुरू होने पर कई संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक अब काम छोड़ कर गायब हो गए हैं। अचानक से सफाई कर्मियों के गायब होने से लखनऊ की डोर टू डोर कलेक्शन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बहुत से लोगों के घरों के दरवाजे पर कूड़ा इकट्ठा होना शुरू हो गया है। इस दौरान नगर निगम द्वारा सख्ती बढ़ती जा रही है और सफाई कर्मियों की पहचान का सत्यापन करने के लिए कहा गया है।
मेयर सुषमा खर्कवाल का बयान
लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल का कहना है कि नगर निगम लगातार बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान का सत्यापन के लिए अभियान चला रहा है। प्रथम चरण में नगर निगम में कार्यरत कई कर्मचारियों से दस्तावेज मांगे गए थे, जिनमें से 180 कर्मचारी आधार कर्ड या अन्य वैध पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाए। अब जानकारी में आया है कि वो लोग काम छोड़कर गायब हो गए हैं। नगर निगम लगातार कागजात और दस्तावेजों की जांच कर रहा है और कार्रवाई आगे भी चलती रहेगी।
मिर्जापुर में चार बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार
उधर मिर्जापुर जनपद में पुलिस ने चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये चारों कूटरचित दस्तावेज बनाकर मिर्जापुर में रह रहे थे। इस मामले में आशंका जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी बांग्लादेशी नागरिक बिना किसी दस्तावेज के रह रहे हैं।
















