एलपीजी गैस की सप्लाई को लेकर इन दिनों लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। जैसे ही यह खबर फैलती है कि गैस की कमी हो सकती है, लोग जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक कराने लगते हैं। इसी डर और जल्दबाजी का फायदा साइबर ठग उठा रहे हैं। वे लोगों को अलग-अलग तरीकों से फंसाकर उनका पैसा ठग रहे हैं।
यह ठगी ज्यादातर लोगों की घबराहट पर आधारित होती है। जब किसी को लगता है कि गैस खत्म हो सकती है, तो वह बिना ज्यादा सोच-समझ के किसी भी कॉल या मैसेज पर भरोसा कर लेता है। ठग इसी मौके का फायदा उठाते हैं और खुद को गैस एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में ले लेते हैं। अक्सर ठग फोन करके कहते हैं कि आपकी गैस बुकिंग रुकी हुई है या आपका KYC पूरा नहीं हुआ है। वे यह भी डराते हैं कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो आपकी सब्सिडी बंद हो जाएगी। इसके बाद वे एक लिंक भेजते हैं या कुछ जानकारी मांगते हैं। कई बार ये लिंक बिल्कुल असली वेबसाइट जैसे दिखते हैं, लेकिन असल में वे फर्जी होते हैं।
APK फाइल से ठगी- कुछ मामलों में ठग मोबाइल पर apk फाइल भेजते हैं और उसे डाउनलोड करने को कहते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इसे इंस्टॉल करता है, उसका फोन हैक हो सकता है। इससे ठग आपके OTP, UPI पिन और बैंक से जुड़ी जानकारी चुरा लेते हैं और आपके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। इस तरह की ठगी से बचने के लिए सबसे जरूरी है सावधानी। याद रखें कि कोई भी असली गैस एजेंसी कभी भी फोन पर आपकी निजी जानकारी जैसे OTP या बैंक डिटेल्स नहीं मांगती। अगर कोई ऐसा करता है, तो समझ जाएं कि वह ठग है।
गैस बुकिंग हमेशा भरोसेमंद वेबसाइट या आधिकारिक ऐप से ही करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसे ध्यान से जांच लें। वेबसाइट का नाम और “https” जरूर देखें। अगर कुछ भी संदिग्ध लगे, तो उस पर भरोसा न करें। अगर किसी अनजान नंबर से कॉल आए, तो उसकी बातों में न आएं। खुद अपनी गैस एजेंसी के नंबर पर कॉल करके जानकारी की पुष्टि करें। साथ ही, मोबाइल में सिर्फ भरोसेमंद ऐप ही रखें और किसी भी अनजान फाइल या लिंक को न खोलें। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता आपको बड़ी ठगी से बचा सकती है।
















