नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बनी है। इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का पहला बयान सामने आया है। उनका साफ कहना है कि अभी अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त नहीं हुआ है। हालांकि उन्होंने देश की सभी सैन्य इकाइयों को फौरन फायरिंग रोकने का आदेश दिया है। अपने बयान में खामेनेई ने कहा कि अगर अमेरिका या इजराइल की ओर से कोई भी छोटी सी गलती होती है तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं और दुश्मन की किसी भी गलती का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
ईरान ने युद्ध रोकने के लिए US के सामने रखीं ये 10 शर्तें, जानिये ट्रंप ने क्या कहा?
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध की शुरुआत हो गई थी। इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण हमले किये थे जिससे ईरान को काफी नुकसान पुहंचा था। हालांकि युद्ध के बीच कल ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा था कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया तो उसकी पूरी सभ्यता को नष्ट कर देंगे। उसके बाद दोनों पक्षों ने युद्धविराम की घोषणा की थी। दो हफ्ते का यह युद्धविराम अस्थायी है।
तेहरान में ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने युद्ध में दो सप्ताह के युद्धविराम को स्वीकार कर लिया है। परिषद ने यह भी कहा कि वे शुक्रवार से इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत करेंगे। इस बीच इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका व ईरान के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है ताकि सभी विवादों को निपटाने के लिए एक निर्णायक समझौते पर आगे बातचीत की जा सके। अमेरिका ने सीजफायर की दिशा में आगे बढ़ते हुए ईरान को 15-सूत्रीय प्रस्ताव दिया है। जिसके जवाब में ईरान ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया। ईरान ने साफ किया है कि इन शर्तों पर सहमति बनने के बाद ही वह युद्ध के अंत को स्वीकार करेगा।











