नई दिल्ली (हि.स.) । केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को भरोसा दिलाया कि देश भर के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने से संबंधित सभी मामले दो हफ्ते में हल कर लिए जायेंगे। केंद्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच से कहा कि वो खुद इस मामले पर नजर रखे हुए हैं और इस मामले में काफी कुछ प्रगति हुई है।
सुनवाई के दौरान जानकारी
सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय में केंद्रीय गृह सचिव भी पेश हुए। सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल ने कहा कि इस मामले में कोर्ट की ओर से नियुक्त एमिकस क्यूरी के साथ दूसरे अधिकारियों की लगातार बैठकें हो रही हैं और इस मामले में काफी प्रगति हुई है।
सुप्रीम कोर्ट का स्वत: संज्ञान
चार सितंबर, 2025 को उच्चतम न्यायालय ने देश भर के थानों में सीसीटीवी काम नहीं करने के मामले पर एक अखबार की खबरों पर स्वत: संज्ञान लिया था। खबर में कहा गया था कि इस साल के सात-आठ महीनों के अंदर पुलिस हिरासत में करीब 11 लोगों की मौत हो चुकी है।
2020 के आदेश का संदर्भ
दरअसल, दो दिसंबर, 2020 को कोर्ट ने सभी राज्यों को अपने पुलिस स्टेशनों पर ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने आने-जाने वाले द्वार समेत हर अहम स्थानों पर कैमरे लगाने और उसकी रिकॉर्डिंग डेढ़ साल तक संरक्षित रखने का निर्देश दिया था। उच्चतम न्यायालय ने पुलिस ज्यादती पर रोक लगाने के लिए आदेश दिया था कि देशभर के सभी थानों में सीसीटीवी लगाए जाएं। कोर्ट ने कहा था कि 2020 के कोर्ट के आदेश के बावजूद थानों में सीसीटीवी काम नहीं कर रहे हैं।
















