भारत की पैरा तीरंदाजी में एक नई प्रेरणादायक कहानी जुड़ गई है। 18 वर्षीय युवा तीरंदाज पायल नाग ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। खास बात यह रही कि उन्होंने फाइनल में भारत की ही दिग्गज और दुनिया की नंबर एक तीरंदाज Sheetal Devi को 139-136 से हराकर बड़ा उलटफेर किया।
हौसले से रचा इतिहास- पायल नाग की यह जीत केवल एक पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके संघर्ष, आत्मविश्वास और अटूट हौसले की मिसाल है। दोनों हाथ और दोनों पैर गंवाने के बावजूद उन्होंने जिस तरह से खेल में महारत हासिल की, वह हर किसी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके इस प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती।
पायल की दमदार जीत- इस टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन भी बेहद शानदार रहा। देश ने कुल सात स्वर्ण, पांच रजत और चार कांस्य पदक जीतकर कुल 16 पदकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। पायल की जीत ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई और भारतीय दल का मनोबल भी बढ़ाया। गौरतलब है कि पायल नाग ने एक साल से थोड़ा अधिक समय में दूसरी बार शीतल देवी को हराया है। इससे पहले उन्होंने जनवरी 2025 में जयपुर में आयोजित पैरा राष्ट्रीय खेलों में भी शीतल को मात दी थी। यह उनके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन को दर्शाता है।













