नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी जंग के दौरान भारत के एलपीजी टैंकर ग्रीन सानवी ने सफलतापूर्वक होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया है। अमेरिका और इजरायल तथा ईरान के बीच जारी जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते गुजरने वाले मालवाहक जहाज और ऑयल या गैस टैंकर की आवाजाही लगभग ठप पड़ी हुई है। ईरान की नाकाबंदी से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है। यह भारत की कूटनीतिक सफलता ही है कि ऐसी स्थिति में भी भारत के 8 जहाज वहां से सुरक्षित निकल आए हैं।
ये जहाज निकले सुरक्षित
जो आठ भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकल चुके हैं, उनमें ग्रीन सानवी, शिवालिक, नंदा देवी, जग लाड़की, पाइन गैस, जग वसंत, बीडब्ल्यू टायर और बीडब्ल्यू एल्म शामिल हैं। इनके अलावा दो और जहाज ग्रीन आशा और जग विक्रम के भी आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत पहुंचने की उम्मीद है। इस तरह भारत का नाम उन देशों में शामिल हो गया है, जिसके सबसे ज्यादा जहाज युद्ध प्रभावित होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरे हैं। इससे भारत की ऊर्जा सप्लाई बनी हुई है और आम लोगों की ईंधन की जरूरत पूरी हो रही है।
भारत ने ऊर्जा आपूर्ति बरकरार रखी
इन जहाजों के सुरक्षित गुजरने से यह साफ है कि भारत ने मुश्किल हालात में भी अपनी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखा है। अभी 15 से ज्यादा भारतीय ध्वज वाले जहाज स्ट्रेट के मुहाने पर हैं, जिन पर करीब 485 भारतीय नाविक हैं। उम्मीद की जा रही है कि भारत सरकार ईरान से बातचीत कर जल्दी ही इन जहाजों को भी हॉर्मुज के रास्ते सुरक्षित निकालने में सफल रहेगी।
होर्मुज स्ट्रेट है अहम
होर्मुज स्ट्रेट समुद्र का वह संकरा रास्ता है, जिससे दुनिया का लगभग 20 से 30 प्रतिशत कच्चा तेल जहाजों से गुजरता है। युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद ईरान ने ये रास्ता ब्लॉक कर दिया था। यहां का रास्ता सबसे संकरी जगह पर सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है। इसके एक तरफ ओमान है और दूसरी तरफ ईरान। ईरान के पास ऐसी मिसाइलें हैं, जो किसी भी विशाल टैंकर को यहां अपने हमले से कुछ देर में ही समुद्र में डुबो सकती हैं।
ईरान ने भारत को माना मित्र देश
युद्ध के बावजूद ईरान के साथ भारत सरकार लगातार कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखे हुए है। इसी बातचीत के कारण पिछले सप्ताह ईरान ने कहा था कि अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के अलावा मित्र देशों के जहाज ईरानी अधिकारियों के साथ कोऑर्डिनेशन में होर्मुज को पार कर सकते हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि हॉर्मुज स्ट्रेट उन देशों के लिए चालू है, जो तेहरान के साथ जुड़े हुए हैं और जिन्हें दोस्त माना जाता है। इस क्रम में उन्होंने भारत का उल्लेख भी दोस्त के रूप में किया था।
















