ओडिशा में गौ तस्कर नए तरीकों से गौमांस की तस्करी कर रहे हैं। कटक जिले के तिगिरिया इलाके में एक ऐसा ही मामला सामने आया। यहां गोमांस को एक एसी कंटेनर में भरकर ले जाया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद गौ रक्षा कार्यकर्ताओं ने कंटेनर को रोका और इसे स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया। इस दौरान गौ रक्षा कार्यकर्ताओं और कंटेनर में सवार लोगों के बीच तनाव उत्पन्न हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस गौ वंश और गौमांस की तस्करी रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही, जिससे गौ तस्करों के हौसले बढ़ रहे हैं। गुस्साए लोगों ने विरोध में सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिससे काफी समय तक यातायात प्रभावित रहा।
सूत्रों के अनुसार, तिगिरिया के गौरक्षा कार्यकर्ताओं को खबर मिली थी कि गौमांस से भरा एक कंटेनर आ रहा है। जब उन्होंने कंटेनर को रोकने का प्रयास किया, तो चालक तेज गति से भाग निकला। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उसका पीछा करते हुए बिंधाणिमा बाईपास पर स्थित हनुमान मंदिर के सामने कंटेनर को रोकने में सफलता हासिल की। इस दौरान दो तस्करों को पकड़ा गया, जिससे तनाव बढ़ गया। बाद में कंटेनर और दोनों व्यक्तियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, गोरक्षक दल को विशेष सूत्रों से पता चला था कि नरसिंहपुर की ओर से गोमांस से भरा ट्रक आ रहा है। उन्होंने बड़ंबा थाना क्षेत्र में वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक वहां से भी भाग निकला। इसके बाद गोरक्षा कार्यकर्ताओं ने लगातार उसका पीछा किया और अंततः बिंधाणिमा हनुमान मंदिर के पास राज्य राजमार्ग संख्या 65 पर कंटेनर को पकड़ लिया।

वाहन की तलाशी लेने पर उसमें छोटे-छोटे पैकेटों में भरा मांस पाया गया, जिसमें लगभग 5 टन से अधिक मांस था। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया, और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचकर ट्रक में तोड़फोड़ करने लगे। हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा गो-तस्करी को रोकने के लिए ठोस कदम न उठाने के आरोप में लोगों ने प्रदर्शन किया, जिससे सड़क लंबे समय तक जाम रही। तेज गर्मी में राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, और सैकड़ों वाहन सड़क के दोनों ओर फंसे रहे। तिगिरिया पुलिस ने कंटेनर चालक और उसके सहायक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह मांस नरसिंहपुर से कोलकाता ले जाया जा रहा था।
तहसीलदार धर्म रंजन पंडा, अतिरिक्त तहसीलदार गंगाधर नायक, अतिरिक्त ग्रामीण एसपी प्रदीप साहू, और एसडीपीओ विश्वजीत महांति सहित कई पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जब्त मांस को नजदीकी जंगल क्षेत्र में सुरक्षित रखा गया। साथ ही, नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है।

















