हरियाणा में स्वदेशी मवेशियों की संख्या में 16.94 % वृद्धि, दूध उत्पादन 79 लाख टन से बढ़कर 125.93 लाख टन हुआ
August 27, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत हरियाणा

हरियाणा में स्वदेशी मवेशियों की संख्या में 16.94 % वृद्धि, दूध उत्पादन 79 लाख टन से बढ़कर 125.93 लाख टन हुआ

पशुधन जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में स्वदेशी मवेशियों की आबादी 8.12 लाख से बढ़कर 9.49 लाख पहुंची है।

Written byराजेश शांडिल्यराजेश शांडिल्य
Apr 2, 2026, 11:28 am IST
inहरियाणा

यों ही नहीं कहा जाता देसां मै देस हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा…इस बाबत देश की सर्वोच्च पंचायत में हरियाणा और राष्ट्रीय गोकुल मिशन की सफलता का नया अध्याय सामाने आया। यह बताता है पशुपालन में क्रांति,दूध उत्पादन और नस्ल सुधार में हरियाणा ने बड़ी छलांग लगाई है। यानी हरियाणा अब पशुपालन जैसी पारंपरिक गतिविधि तक सीमित नहीं, बल्कि विज्ञान और तकनीक को अपनाते हुए निरंतर आगे बढ़ रहा है। उसके यह कदम एक मजबूत अर्थव्यवस्था का आधार बन रहे है। इसकी ताजा तस्वीर तब सामने आई जब केन्द्रीय मंत्री राजीव रंजन लल्लन सिंह ने राज्यसभा में बताया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत हरियाणा ने स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है।

कभी धीरे-धीरे घटती स्वदेशी नस्लों की संख्या अब बढ़ते आत्मविश्वास की कहानी सुना रही है। पशुधन जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में स्वदेशी मवेशियों की आबादी 8.12 लाख से बढ़कर 9.49 लाख पहुंची है। और यह केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, किसानों की बदली सोच और सरकारी योजनाओं की जमीनी पकड़ का संकेत है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत हरियाणा को 113.60 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिली है, जिसने इस बदलाव को रफ्तार दी। गांव-गांव तक पहुंच रही कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं ने इस मिशन को और शक्ति दी। अब तक 9.41 लाख कृत्रिम गर्भाधान किये हैं,जिससे करीब 4.7 लाख किसान इससे लाभान्वित हुए । इसका सीधा बेहतर असर नस्ल सुधार और दूध उत्पादन पर पड़ा।

यह सच है कि तकनीक इस क्षेत्र में असली क्रांति लाने में सफल हुई है। लिंग-विभाजित वीर्य तकनीक ने किसानों को अपनी पसंद के अनुसार बेहतर नस्ल तैयार करने का मौका मिला है। पहले जो तकनीक महंगी थी, अब उसकी लागत 800 से घटकर महज 250 रुपये पर आ चुकी है। यकीनन इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी बेहतर पशुधन तैयार करना संभव हुआ है। इसी दिशा में हिसार में स्थापित आईवीएफ लैब एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। यहां अब तक 535 भ्रूण तैयार किए जा चुके हैं और हजारों भ्रूण प्रत्यारोपण के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली नस्लों का तेजी से विस्तार हो रहा है। खास बात यह है कि इन प्रयासों से पैदा हुए बछड़ों में बड़ी संख्या मादा बछियों की है, जो भविष्य में दूध उत्पादन बढ़ाने का मजबूत आधार बनेंगी।

हरियाणा की पहचान बन चुकी मुर्रा भैंस और हरियाणा नस्ल की गायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वंश परीक्षण और चयन कार्यक्रम के जरिए उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले सांड तैयार किए जा रहे हैं, जो पूरे देश में नस्ल सुधार की रीढ़ बन रहे हैं। इन योजनाओं का असर अब सीधे उत्पादन में दिखाई दे रहा है। वर्ष 2014-15 में जहां प्रति पशु प्रतिदिन दूध उत्पादन 7.69 किलोग्राम था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 10.70 किलोग्राम हो गया है। भैंसों की उत्पादकता में भी 42 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। कुल दूध उत्पादन 79 लाख टन से बढ़कर 125.93 लाख टन तक पहुंच गया है। हालांकि इस पूरी तस्वीर में एक सच्चाई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि तकनीक और योजनाओं का लाभ अभी भी हर किसान तक समान रूप से नहीं पहुंचा है। कई छोटे पशुपालक अब भी जागरूकता और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके यह कहना भी गलत नहीं होगा कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन ने हरियाणा के पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा दी है। अगर जागरूकता और क्रियान्वयन की खाई को पाटा जाए, तो यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ बन सकता है।

(राजेश शांडिल्य संपादक विश्व संवाद केंद्र)

Topics: Haryana NewsHaryanaNumber of indigenous cattle increases in HaryanaIncrease in milk production in Haryana
राजेश शांडिल्य
राजेश शांडिल्य
वरिष्ठ पत्रकार [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

पीएम मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई

PM मोदी ने दिखाई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, जानिए इसकी खासियत

वीर निकला आरिफ

फरीदाबाद: ‘वीर’ बनकर युवती से की शादी, बाद में निकला आरिफ; पहले से शादीशुदा और तीन बच्चों का पिता होने का आरोप

LNJP नाबालिक दुष्कर्म मामला : सवाल डॉक्टर के साथ कुरुक्षेत्र में धृतराष्ट्र बने अस्पताल के पूरे सिस्टम पर भी..

हरियाणा : सिरसा के आसमान से गिरा पाकिस्तानी संदेश, हकीकत देख उड़े पुलिस के होश, इलाके में बढ़ी चौकसी

अली अकबर

ऑटो चलाने वाला अकबर आतंकी साजिश में शामिल, RDX के साथ गिरफ्तार

RSS ABPS 2026: केरलम के शहरी-ग्रामीणांचल के 55 हजार मुस्लिम और 54 हजार ईसाई घरों तक पहुंचा संघ

Load More

ताज़ा समाचार

उधम सिंह नगर: दूध में थूक कर दूध बांटने वाले मुस्लिम दूधिया की हरकत सीसीटीवी में कैद

ए बालाकृष्णन जी का गुरुवार को निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया। (फोटो सौजन्य- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया हैंडल से)

विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष ए बालकृष्णनजी का निधन, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने व्यक्त किया गहरा दुख

नेपाल में बाढ़

‘चेतावनी नहीं, तबाही पहले’- चीन प्रशासित तिब्बत से रसुवागढ़ी तक, चीन की चुप्पी सवालों के घेरे में

जालंधर के सरकारी स्कूल में स्मार्ट क्लास या कबाड़खाना? AAP सरकार के शिक्षा दावों की पोल खुली

Rahul Gandhi

राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूँज’ पर ‘झूठ की गूँज’ वेबसाइट का फैक्ट चेक: 40 में से 29 दावे झूठे बताए गए

नेपाल में अचानक आई बाढ़

Explainer: नेपाल-तिब्बत सीमा पर फ्लैश फ्लड: आखिर क्यों हुआ ये?

AI generated image

रक्षाबंधन पर पेड़ों को राखी बांधने की परंपरा कितनी पुरानी? जानिए वेद-पुराणों में छिपा प्रकृति रक्षा का रहस्य

Sharjeel Imam And Umar Khalids bial cancelled

उमर खालिद-शरजील इमाम की जमानत याचिका का दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में विरोध, कहा- ये कमांड अथॉरिटी वाले मास्टरमाइंड

(Image created by AI)

नेपाल के बाद अब भारत में बिगड़ा मौसम! दिल्ली-NCR से UP-बिहार तक कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह

बालेन्द्र शाह ने PM मोदी को क्यों कहा धन्यवाद? संकट की घड़ी में भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies