हरियाणा में स्वदेशी मवेशियों की संख्या में 16.94 % वृद्धि, दूध उत्पादन 79 लाख टन से बढ़कर 125.93 लाख टन हुआ
June 8, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत हरियाणा

हरियाणा में स्वदेशी मवेशियों की संख्या में 16.94 % वृद्धि, दूध उत्पादन 79 लाख टन से बढ़कर 125.93 लाख टन हुआ

पशुधन जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में स्वदेशी मवेशियों की आबादी 8.12 लाख से बढ़कर 9.49 लाख पहुंची है।

Written byराजेश शांडिल्यराजेश शांडिल्य
Apr 2, 2026, 11:28 am IST
in हरियाणा

यों ही नहीं कहा जाता देसां मै देस हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा…इस बाबत देश की सर्वोच्च पंचायत में हरियाणा और राष्ट्रीय गोकुल मिशन की सफलता का नया अध्याय सामाने आया। यह बताता है पशुपालन में क्रांति,दूध उत्पादन और नस्ल सुधार में हरियाणा ने बड़ी छलांग लगाई है। यानी हरियाणा अब पशुपालन जैसी पारंपरिक गतिविधि तक सीमित नहीं, बल्कि विज्ञान और तकनीक को अपनाते हुए निरंतर आगे बढ़ रहा है। उसके यह कदम एक मजबूत अर्थव्यवस्था का आधार बन रहे है। इसकी ताजा तस्वीर तब सामने आई जब केन्द्रीय मंत्री राजीव रंजन लल्लन सिंह ने राज्यसभा में बताया कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत हरियाणा ने स्वदेशी नस्लों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है।

कभी धीरे-धीरे घटती स्वदेशी नस्लों की संख्या अब बढ़ते आत्मविश्वास की कहानी सुना रही है। पशुधन जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में स्वदेशी मवेशियों की आबादी 8.12 लाख से बढ़कर 9.49 लाख पहुंची है। और यह केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, किसानों की बदली सोच और सरकारी योजनाओं की जमीनी पकड़ का संकेत है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत हरियाणा को 113.60 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिली है, जिसने इस बदलाव को रफ्तार दी। गांव-गांव तक पहुंच रही कृत्रिम गर्भाधान सेवाओं ने इस मिशन को और शक्ति दी। अब तक 9.41 लाख कृत्रिम गर्भाधान किये हैं,जिससे करीब 4.7 लाख किसान इससे लाभान्वित हुए । इसका सीधा बेहतर असर नस्ल सुधार और दूध उत्पादन पर पड़ा।

यह सच है कि तकनीक इस क्षेत्र में असली क्रांति लाने में सफल हुई है। लिंग-विभाजित वीर्य तकनीक ने किसानों को अपनी पसंद के अनुसार बेहतर नस्ल तैयार करने का मौका मिला है। पहले जो तकनीक महंगी थी, अब उसकी लागत 800 से घटकर महज 250 रुपये पर आ चुकी है। यकीनन इससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी बेहतर पशुधन तैयार करना संभव हुआ है। इसी दिशा में हिसार में स्थापित आईवीएफ लैब एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। यहां अब तक 535 भ्रूण तैयार किए जा चुके हैं और हजारों भ्रूण प्रत्यारोपण के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली नस्लों का तेजी से विस्तार हो रहा है। खास बात यह है कि इन प्रयासों से पैदा हुए बछड़ों में बड़ी संख्या मादा बछियों की है, जो भविष्य में दूध उत्पादन बढ़ाने का मजबूत आधार बनेंगी।

हरियाणा की पहचान बन चुकी मुर्रा भैंस और हरियाणा नस्ल की गायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वंश परीक्षण और चयन कार्यक्रम के जरिए उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाले सांड तैयार किए जा रहे हैं, जो पूरे देश में नस्ल सुधार की रीढ़ बन रहे हैं। इन योजनाओं का असर अब सीधे उत्पादन में दिखाई दे रहा है। वर्ष 2014-15 में जहां प्रति पशु प्रतिदिन दूध उत्पादन 7.69 किलोग्राम था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 10.70 किलोग्राम हो गया है। भैंसों की उत्पादकता में भी 42 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। कुल दूध उत्पादन 79 लाख टन से बढ़कर 125.93 लाख टन तक पहुंच गया है। हालांकि इस पूरी तस्वीर में एक सच्चाई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि तकनीक और योजनाओं का लाभ अभी भी हर किसान तक समान रूप से नहीं पहुंचा है। कई छोटे पशुपालक अब भी जागरूकता और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके यह कहना भी गलत नहीं होगा कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन ने हरियाणा के पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा दी है। अगर जागरूकता और क्रियान्वयन की खाई को पाटा जाए, तो यह क्षेत्र आने वाले वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ बन सकता है।

(राजेश शांडिल्य संपादक विश्व संवाद केंद्र)

Topics: Haryana NewsHaryanaNumber of indigenous cattle increases in HaryanaIncrease in milk production in Haryana
राजेश शांडिल्य
राजेश शांडिल्य
वरिष्ठ पत्रकार [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

LNJP नाबालिक दुष्कर्म मामला : सवाल डॉक्टर के साथ कुरुक्षेत्र में धृतराष्ट्र बने अस्पताल के पूरे सिस्टम पर भी..

हरियाणा : सिरसा के आसमान से गिरा पाकिस्तानी संदेश, हकीकत देख उड़े पुलिस के होश, इलाके में बढ़ी चौकसी

अली अकबर

ऑटो चलाने वाला अकबर आतंकी साजिश में शामिल, RDX के साथ गिरफ्तार

RSS ABPS 2026: केरलम के शहरी-ग्रामीणांचल के 55 हजार मुस्लिम और 54 हजार ईसाई घरों तक पहुंचा संघ

RSS ABPS 2026: संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा आरंभ, बांग्लादेश सरकार से की हिंदुओं के संरक्षण की मांग

RSS अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा : 13 मार्च से समालखा में संघ की 3 दिवसीय बैठक, 32 संगठनों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

Load More

ताज़ा समाचार

guardian journalist ellis petersen amplifies anti india propaganda

पश्चिमी मीडिया का प्रोपेगैंडा! ‘द गार्जियन’ की हन्ना एलिस-पीटरसन के भारत विरोधी नैरेटिव का पर्दाफाश

dr chinmay pandya shantikunj honored in canada calgary

कनाडा की केंद्र सरकार एवं कैलगरी नगर ने किया गायत्री परिवार का सम्मान

cm dhami attends judicium 2 0 dehradun announces 5 crore welfare fund

देहरादून: CM धामी ने ‘जूडिशियम 2.0’ सम्मेलन में लिया भाग, न्यायाधीश कल्याण निधि के लिए ₹5 करोड़ की बड़ी घोषणा

uttarakhand voter revision program blo door to door visit

उत्तराखंड में शुरू हुआ SIR! BLO घर-घर बांटेंगे गणना फार्म, ‘Book a Call’ फीचर से घर बैठे मिलेगी सुविधा

Shamli gym trainer Chandni Qureshi conversion Ayush Malik arrest

नमाज और जालीदार टोपी की फोटो से खुला राज! शामली में जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने कराया दवा कारोबारी के बेटे का कन्वर्जन

Modi Govt Border Security BRO Budget Infrastructure Development

मोदी सरकार में सरहदों की अभेद्य सुरक्षा: BRO का बजट ₹18,700 करोड़ पहुंचा, जानिए कैसे सीमा विकास की बदली सोच

CJP के प्रदर्शन में आए लोगों ने क्या कहा- इन्हें क्या मालूम RSS है

डॉ कृष्ण गोपाल, सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

नेहरू से लेकर जेपी तक, संघ को लेकर कैसे बदले विचार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कितना जानती है कॉकरोच जनता पार्टी?

vhp shiksha varg prayagraj rajendra saxena

VHP परिषद शिक्षा वर्ग: प्रयागराज में बोले राजेन्द्र सक्सेना- सोशल मीडिया और नैरेटिव की लड़ाई में सजग रहें कार्यकर्ता

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies