हरियाणा के अंबाला में पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा किया है। पुलिस ने अजमेर के रहने वाले अली अकबर उर्फ बाबू को उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से करीब 2 किलो आरडीएक्स, आईईडी और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन लोगों की योजना राजस्थान के हनुमानगढ़ में बम धमाका करने की थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और बड़ी घटना होने से बचा लिया।
ड्रोन से भेजे गए आरडीएक्स के साथ हनुमानगढ़ में ब्लास्ट की साजिश- सूत्रों के मुताबिक इस पूरी साजिश के पीछे पाकिस्तान में बैठे आतंकी शहजाद भट्टी का हाथ बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब के अमृतसर इलाके में आरडीएक्स और अन्य सामान भेजा गया था। वहीं से यह सामान आरोपियों तक पहुंचा और उन्होंने हमले की योजना बनाई। जांच में यह भी सामने आया है कि आतंकियों का पहला निशाना राजस्थान का हनुमानगढ़ था। आरोपियों ने वहां आईईडी पहुंचा दी थी, लेकिन आरडीएक्स समय पर नहीं पहुंच पाया। इसी वजह से उनका प्लान सफल नहीं हो सका। बाद में चार दिन बाद आईईडी वापस मंगवा ली गई। इसके बाद आरोपियों ने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के कई इलाकों में जाकर रैकी की और वहां के वीडियो बनाकर अपने आकाओं को भेजे, ताकि नया टारगेट तय किया जा सके।
टीवी खबर से परिवार को मिली गिरफ्तारी की जानकारी- अली अकबर के बारे में यह भी पता चला है कि वह अजमेर के दिल्ली गेट इलाके के लोंगिया मोहल्ले में रहता था और ऑटो चलाने का काम करता था। उसके पिता मोहम्मद रमजान रोडवेज में कंडक्टर थे और अब रिटायर हो चुके हैं। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे भी हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्हें इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं थी कि अली अकबर किसी आतंकी गतिविधि में शामिल है। उसके भाई अली असगर ने बताया कि 8 मार्च की सुबह वह घर से यह कहकर निकला था कि वह जयपुर के रास्ते दिल्ली घूमने जा रहा है। बाद में 14 मार्च को टीवी पर खबर देखकर परिवार को उसकी गिरफ्तारी के बारे में पता चला। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। 13 मार्च को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और अदालत ने उन्हें सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में इस साजिश से जुड़े और भी लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

















