दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम के चारों ओर लगभग 300 किलोमीटर में खेती कर रहे किसान साथियों यह संदेश यदि आपको मिले तो कृपया दो चार बातों पर गौर कीजिएगा। अपने को खेत में तत्काल प्रभाव से कुछ निर्माण कार्य करने हैं, जिनकी वजह से अपनी कृपा अटकी पड़ी है। नंबर एक अपने को खेत पर एक खेत की रसोई तैयार करनी है। मैं अभी गुरदासपुर गया था वहां मेरे प्रिय मित्र प्रभजोत सिंह ने खेत की रसोई तैयार की हुई है।

मसला क्या है?
अपने खेत में खूब सारा फसल अवशेष निकलता है जिसने हमारा माल पिया हुआ होता है और वो ताकत हमारी बेकार जाने लग रही है। खेत की रसोई का मतलब है कि एक स्थाई ईंटों सीमेंट से खेत के कोने में एक कम्पोस्टिंग सुविधा तैयार करना। जिसमें एक श्रेडर मशीन होगी जो किसी भी छोटे-बड़े टुकड़े को बारीक टुकड़ों में बदल देगी और एक हजार लीटर की टंकी होगी, जिसमें अपन अमृत जल बनाएंगे।
खेत की खुराक और दवा अपन खेत पर ही बनाएंगे।
इसमें कोई टेक्नोलॉजी नहीं है। सारा मोटे दिमाग का काम है। मैं आपको जल्द ही एक ड्राइंग दे दूंगा, जिसको आप अपने एक मिस्त्री को दिखा कर वहीं बनवा लियो। अगला काम आपने करना है कि खेत पर एक ऑफिस बनाना है और अपने बैठने की मेज- कुर्सी वाली व्यवस्था करनी है और आए-गए के लिए भी कुर्सी का बंदोबस्त करना है। फिर आपने अपने खेत का एक सुंदर सा नाम रखना है और उसका एक फेसबुक पेज बनाना है। आपके खेत की गूगल लोकेशन अपन मैप पर सेट कर देंगे ताकि आपका खेत गूगल मैप पर शो होने लग जाए।
खेत पर पक्षियों के बैठने का क्या बंदोबस्त है, इसके बारे में भी विचार अपने को करना है। कुल मिला कर बात ये है कि खेत पर अपना और सबका मन लगे अपने को ऐसी कार्य संस्कृति बनानी है। आप देखना आपके पास अपॉइंटमेंट लेकर लोग आया करेंगे, जो आपको मान-सम्मान, धन और पहचान तीनों देंगे।
भूतनी की ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका क्लेश हम नहीं काट सकते हैं।
हमारे देश की रसोई में हमने क्लेश डाल लिया है, जिसकी वजह से हम बोंदलाए हुए फिर रहे हैं।

‘रासायनिक इनपुट्स’ होटल में बना हुआ भोजन है यह जमीन का हाजमा गड़बड़ कर देते हैं। खेत की अपनी रसोई की डाइट होगी तो अपन होटल वाला भोजन भी एडजस्ट कर लेंगे। ऐसी समान हालत हमारे खुद के पेट की भी है अड़ंगा खा-खा के हमारा नाश हुआ पड़ा है। आज का युग ‘गोल्डन युग’ है ऑनलाइन पेमेंट कहीं से भी आ सकती है और हम अपना प्रचार लगभग फ्री में ही कर सकते हैं।
स्थिति अभी इतनी खराब भी नहीं हुई है कि अपना काम बैक नहीं कर सकते हैं।

















