सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2024 परीक्षा के परिणाम में नायब तहसीलदार का पद प्राप्त करने वाले आनंद राज सिंह का भावुक कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। सोनभद्र के घोरावल तहसील के निवासी आनंद राज चयन की सूचना मिलते ही भावुक हो गए और सीधे प्रयागराज सिविल लाइंस के हनुमान मंदिर पहुंचकर भगवान के चरणों में सिर झुकाकर भाव-विभोर हो गए। उनकी आंखों से आंसू झरने लगे।
मंदिर में प्रवेश करते ही सबसे पहले उन्होंने पुजारी का आशीर्वाद लिया और उसके बाद हनुमान जी की मूर्ति के आगे सिर झुकाकर रोने लगे। उनकी आंखों के आंसू बता रहे हैं कि उन्होंने अपनी गरीबी को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। करीब चार वर्षों तक कड़ी मेहनत और संघर्ष करने के साथ वह भगवान को भी पूजते रहे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि उन्होंने परिवार से दूर होने के बाद अकेलेपन में हनुमान भगवान के साथ सबकुछ साझा किया और अपने सपनों को पूरा करने का जज्बा दिखाया। तभी तो यूपीपीसीएस परीक्षा के अंतिम परिणाम में 22 रैंक हासिल करते ही यह खुशखबरी सबसे पहले वह भगवान के साथ साझा करने के लिए मंदिर पहुंचे।
आनंद राज की सफलता प्रेरणादायक
आनंद राज सिंह ने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जनपद में खुशी का माहौल है और लोग इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बता रहे हैं। वहीं, यूजर्स उनकी इस सफलता को प्रेरणादायक बता रहे हैं और इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर रहे हैं।
यूपी PCS 2024 परीक्षा पास करने के बाद आनंद राज सिंह सीधे #हनुमान_मंदिर पहुंचे। #भगवान के सामने वह अपने आंसू नहीं रोक पाए और फूट-फूटकर रो पड़े।#UPPCS2024#SuccessStory#Motivation#Prayagraj#ViralVideo#StudentLife#HardWorkPaysOff#EmotionalMoment#HanumanTemple pic.twitter.com/6sTTS5JKmy
— Goldy Srivastav (@GoldySrivastav) March 31, 2026
यूजर्स का कहना है कि खुशी के इस पल में आनंद के आंसू बता रहे हैं कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में कितनी मेहनत और संघर्ष किया होगा। उनका भावुक होना यह दर्शाता है कि आप जिस भी जगह जाओगे, वहां मंगल ही मंगल होगा। बहुत-बहुत शुभकामनाएं भाई। शिवम तिवारी नाम के यूूजर ने लिखा कि भगवान के दर पर आंसू कभी खाली नहीं जाते, वो या तो सुकून बनकर लौटते हैं या किस्मत बदलकर।
अच्छे व्यवहार, अनुशासन से बनाई विशेष पहचान
आनंद राज की प्रारंभिक शिक्षा घोरावल क्षेत्र के संत कीनाराम विद्यालय से हुई है। बचपन से ही मेधावी रहे आनंद ने पढ़ाई के साथ-साथ अपने अच्छे व्यवहार और अनुशासन से शिक्षकों व सहपाठियों के बीच अपनी विशेष पहचान बनाई।
बड़े भाई की मौत के बाद भी नहीं टूटे
आनंद राज साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा के बाद यूपीपीसीएस की तैयारी के लिए प्रयागराज का रुख किया। उनके पिता आत्मानंद सिंह एक व्यवसायी हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। परिवार वालों ने हर परिस्थिति में उनका पूरा सहयोग किया। उनके बड़े भाई अनुराग सिंह की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा। उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया और कड़ी मेहनत कर यूपीपीसीएस परीक्षा पास कर ली।

















