नक्सलवाद मुक्त भारत: 59 साल से बना था चुनौती, कांग्रेस रही असफल- मोदी सरकार 'लाल आतंक' को खत्म करने में हुई सफल
June 8, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

नक्सलवाद मुक्त भारत: 59 साल से बना था चुनौती, कांग्रेस रही असफल- मोदी सरकार ‘लाल आतंक’ को खत्म करने में हुई सफल

संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी अपने लंबे करियर में नक्सलों और नक्सल समर्थकों के साथ देखे गए हैं। भारत जोड़ो यात्रा में कई नक्सल फ्रंट जुड़े थे।

Written byLalit FularaLalit Fulara
Mar 30, 2026, 09:17 pm IST
in भारत
प्रतीकात्मक चित्र

प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली: लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश में नक्सलवाद अब लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब आदिवासी इलाकों में असली न्याय पहुंचा है। यह बदलाव अचानक नहीं आया बल्कि 2014 के बाद केंद्र सरकार की सख्त नीति, सुरक्षा अभियान और विकास योजनाओं के कारण संभव हुआ है। यूपीए सरकार के समय नक्सलवाद को बढ़ावा मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश को जवाब देना होगा कि नक्सलवाद के दौर में क्या हुआ?नक्सलवाद गरीबी से नहीं, बल्कि विचारधारा से पैदा हुआ। यह विचारधारा लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती और बंदूक के जरिए सत्ता चाहती है। आदिवासियों को बरगलाकर उनके हाथ में हथियार दिए गए और विकास को रोका गया।

राहुल गांधी नक्सलों और नक्सल समर्थकों के साथ देखे गए…
उन्होंने कहा कि अब देश बंदूक से नहीं, संविधान से चलेगा और यही असली जीत है। संसद में शाह ने कहा कि राहुल गांधी अपने लंबे करियर में नक्सलों और नक्सल समर्थकों के साथ देखे गए हैं। भारत जोड़ो यात्रा में कई नक्सल फ्रंट जुड़े थे। इसके रिकॉर्ड मौजूद हैं। 2018 में हैदराबाद में घुमांडी विट्ठल राव, राहुल ने उस गद्दार से मुलाकात की। 2025 कॉर्डिनेशन कमेटी ऑफ पीस के साथ मुलाकात की। हिडमा जब मारा गया, तब इंडिया गेट पर कितने हिडमा मारोगे, हर घर से हिडमा निकलेगा के नारे लगे। इन नारों के वीडियो को राहुल गांधी ने खुद पोस्ट किया है। नक्सलों का समर्थन करते-करते एक पार्टी और उसके नेता खुद नक्सलवादी बन गए हैं।

वामपंथियों ने सींचा और कांग्रेस ने ‘लाल आतंक’ को वैचारिक समर्थन दिया
नक्सलवाद पिछले छह दशक से देश के लिए बड़ी आंतरिक चुनौती बना हुआ था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2024 के मध्य में छत्तीसगढ़ में हुई कुछ बैठकों में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के अंतिम दिन के तौर पर तय करने का प्रण लिया था। इसके बाद से ओडिशा से लेकर छत्तीसगढ़ और झारखंड से लेकर आंध्र प्रदेश तक न सिर्फ नक्सली नेतृत्व को ध्वस्त किया गया, बल्कि कैडर के कैडर का सफाया कर दिया गया। 1967 में क्रांति के नाम पर शुरु हुआ लाल आतंक का अब देश से सफाया हो गया है। इस लाल आतंक ने हजारों-लाखों लोगों का रक्त बहाया। वामपंथियों ने इसे अपने विचार से सींचा और कांग्रेस ने इसे वैचारिक समर्थन दिया। 2010 के दंतेवाड़ा नक्सल हमले में 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। यूपीए सरकार इस लाल आतंक पर लगान लगाने में असफल रही लेकिन बीजेपी सरकार ने इसे जड़ से खत्म करने का प्रण लिया था और आखिर में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को या तो मार गिराया या फिर सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया। एक समय नक्सलवाद बड़े-छोटे स्तर पर 10 राज्यों तक फैला था। उस दौर में इस लाल आतंक ने भारत में कम से कम 180 जिलों को प्रभावित किया था।

सरकारी रिकॉर्ड्स के मुताबिक, 2004 से 2014 के बीच नक्सली हिंसा की 16,463 घटनाएं दर्ज की गईं। इस दौरान नक्सल हमलों में 1,851 सुरक्षाकर्मियों की जान जाने का भी रिकॉर्ड है। इसी समय में 4,766 आम लोगों की भी जान गई। 2014 में जब मोदी सरकार बनी तो केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर एक एकीकृत, बहुआयामी और निर्णायक रणनीति तैयार की। जिसमें नक्सलियों को बड़े पैमाने पर चुन-चुनकर मारा गया और जो बचे थे उन्होंने सरेंडर कर दिया। बताया जाता है कि गृह मंत्री अमित शाह ने खुद  केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और राज्य की पुलिस इकाइयों के बीच बेहतरीन तालमेल की निगरानी की।
नक्सली कमांड को खत्म करने के लिए  केंद्र-राज्य टास्क फोर्स ने मिलकर काम किया और अभी भी कर रही हैं। ड्रोन तथा सैटेलाइट मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर बड़े नक्सली कमांडरों को चुन-चुनकर मारा गया।

गृहमंत्री अमित शाह बोले- नक्सलवाद के दौर में कांग्रेस ने जो किया उसका देश को देना होगा जवाब
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि देश अब नक्सलमुक्त होने की स्थिति में पहुंच चुका है। कई बड़े ऑपरेशन जैसे बुढ़ा, थंडरस्टॉर्म और ब्लैक फॉरेस्ट चलाए गए जिनमें भारी मात्रा में हथियार, आईईडी फैक्ट्री और अनाज बरामद हुआ।  छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा के बड़े इलाके अब नक्सल प्रभाव से बाहर आ चुके हैं।  आजादी के समय देश संसाधनों की कमी और विकास की चुनौतियों से जूझ रहा था। कई दूर-दराज के इलाकों तक सरकार की पहुंच नहीं थी, सड़कों और सुविधाओं का अभाव था। ऐसे हालात में कुछ संगठनों ने इन कमजोरियों का फायदा उठाया। जहां राज्य की पकड़ कम थी, उन्हीं इलाकों को रेड कॉरिडोर बनाया गया। भोले-भाले आदिवासियों को भेदभाव और शोषण के नाम पर भड़काया गया और उनके हाथों में हथियार थमा दिए गए। हकीकत यह है कि इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध भेदभाव नहीं, बल्कि विकास की कमी थी, जिसका इस्तेमाल कर हिंसा को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश को जवाब देना होगा कि नक्सलवाद के दौर में उन्होंने क्या किया और क्या हुआ?

Topics: Home Minister Amit ShahLeftist IdeologyNaxalism free IndiaNaxalite movementBJP government successful in eliminating NaxalismCongress promoted Naxalism
Lalit Fulara
Lalit Fulara
उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले के सुदूर स्थित छोटे से गाँव 'पटास' में पैदाइश. कला-साहित्य में विशेष रुचि. पहला नॉवेल 'घासी: लाल कैंपस का भगवाधारी' प्रकाशित. विगत 12 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय. करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से हुई और उसके बाद ज़ी न्यूज़, न्यूज़18, राजस्थान पत्रिका, अमर उजाला और इंडियाडॉटकॉम होते हुए वर्तमान में पांचजन्य डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. पत्रकारिता में एम.ए माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से किया है. [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

केंद्रीय गृहमंत्री, अमित शाह

भुज में बोले गृह मंत्री अमित शाह-अगले दो वर्षों में देश का सीमावर्ती क्षेत्र दुश्मनों से हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगा

प्रतीकात्मक तस्वीर

साहित्य अकादमी में LGBTQ विमर्श: भारतीय मूल्यों पर ‘वैचारिक प्रहार’, पश्चिमी अवधारणा की नई बिसात

Chaitra Navratri 2026: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, गृहमंत्री ने देशवासियों को चैत्र नवरात्रि और नव संवत्सर की दी बधाई

Farooq Abdullah Attack: फारूक अब्दुल्ला ने खुद बताया कैसे हुआ उनपर हमला? गृहमंत्री अमित शाह ने किया फोन

CM धामी सरकार के 4 साल पूरे: 7 मार्च को हरिद्वार में अमित शाह की बड़ी रैली

World Book Fair 2026: गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया विश्व पुस्तक मेले का दौरा

Load More

ताज़ा समाचार

guardian journalist ellis petersen amplifies anti india propaganda

पश्चिमी मीडिया का प्रोपेगैंडा! ‘द गार्जियन’ की हन्ना एलिस-पीटरसन के भारत विरोधी नैरेटिव का पर्दाफाश

dr chinmay pandya shantikunj honored in canada calgary

कनाडा की केंद्र सरकार एवं कैलगरी नगर ने किया गायत्री परिवार का सम्मान

cm dhami attends judicium 2 0 dehradun announces 5 crore welfare fund

देहरादून: CM धामी ने ‘जूडिशियम 2.0’ सम्मेलन में लिया भाग, न्यायाधीश कल्याण निधि के लिए ₹5 करोड़ की बड़ी घोषणा

uttarakhand voter revision program blo door to door visit

उत्तराखंड में शुरू हुआ SIR! BLO घर-घर बांटेंगे गणना फार्म, ‘Book a Call’ फीचर से घर बैठे मिलेगी सुविधा

Shamli gym trainer Chandni Qureshi conversion Ayush Malik arrest

नमाज और जालीदार टोपी की फोटो से खुला राज! शामली में जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने कराया दवा कारोबारी के बेटे का कन्वर्जन

Modi Govt Border Security BRO Budget Infrastructure Development

मोदी सरकार में सरहदों की अभेद्य सुरक्षा: BRO का बजट ₹18,700 करोड़ पहुंचा, जानिए कैसे सीमा विकास की बदली सोच

CJP के प्रदर्शन में आए लोगों ने क्या कहा- इन्हें क्या मालूम RSS है

डॉ कृष्ण गोपाल, सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

नेहरू से लेकर जेपी तक, संघ को लेकर कैसे बदले विचार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कितना जानती है कॉकरोच जनता पार्टी?

vhp shiksha varg prayagraj rajendra saxena

VHP परिषद शिक्षा वर्ग: प्रयागराज में बोले राजेन्द्र सक्सेना- सोशल मीडिया और नैरेटिव की लड़ाई में सजग रहें कार्यकर्ता

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies