अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह पंजाब में सत्ताधारी पार्टी के लोगों की दबंगई है या कुछ और परंतु पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को जेल भिजवाने वाले रंधावा परिवार की कुछ लोगों ने बिजली की सप्लाई काट दी गई है। इससे परिवार दहशत में है और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पंजाब के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से दुखी होकर आत्महत्या करने वाले पंजाब वेयरहाउस कार्पोरेशन के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा के परिवार को लगता है कि अब उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है।
इसी के चलते कुछ अज्ञात लोगों ने उनके घर की बिजली की तारें काट दी, ताकि परिवार के मन में दहशत पैदा हो। बिजली की तारें काटने का वीडियो घर के बाहर लगे सीसीटीवी में भी कैद हो गया। परिवार ने इस संबंधी पुलिस को सूचित कर दिया है। पुलिस की ओर से भी सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। रंधावा के परिवार के सदस्य वरिंदर पाल ने बताया कि गत शाम को पुलिस अधिकारी उनके घर पर बयान दर्ज करने आए हुए थे। इसी दौरान अचानक बिजली बंद हो गई।
पहले उन्हें लगा कि विभाग की ओर से किसी कारण इलाके की बिजली बंद की गई हो सकती है। मगर थोड़ी देर के बाद जब वह घर से बाहर निकले तो देखा कि पूरे इलाके की बिजली सप्लाई आ रही थी जबकि उनके घर की ही बंद थी। तब उन्हें कुछ गड़बड़ी का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत इलेक्ट्रिशयन बुलाया, जिसने जांच के दौरान बताया कि मीटर के पास से घर को जाने वाली तारें काटी गई हैं।
सीसीटीवी में दिखे आरोपी
बिजली सप्लाई बहाल करवाने के बाद जब उन्होंने सीसीटीवी चेक किया तो देखा कि उसमें अज्ञात युवक उनके घर की बिजली की सप्लाई काट रहे थे। तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पहुंचे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई।
परिवार ने लगाया साजिश का आरोप
वरिंदर पाल का कहना है कि यह किसी बिजली विभाग के कर्मचारी का काम नहीं लगता बल्कि यह एक सोची-समझी साजिश हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ लोग परिवार पर दबाव बनाने और डराने की कोशिश कर रहे हैं। परिवार ने सरकार से अपील की कि उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जाए और साथ ही पूरा केस सीबीआई को भेजा जाए ताकि परिवार को इंसाफ मिल सके।
काफी संघर्ष के बाद हुई थी मंत्री की गिरफ्तारी
ज्ञात रहे कि मृतक जिला अधिकारी ने पहले तो अपने उच्चाधिकारियों व जिला उपायुक्त को पत्र लिख कर मंत्री द्वारा उस पर बनाए जा रहे दबाव का आरोप लगाया था परंतु कार्रवाई न होने पर जिला अधिकारी ने आत्महत्या कर ली थी। घटना की वीडियो आने के बाद भी मंत्री पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और काफी चर्चा होने के बाद मंत्री भुल्लर व उसके पिता पर केस दर्ज हुआ। मुख्यमंत्री ने मंत्री को अपने मंत्रिमण्डल से निकाल तो दिया परंतु उसको गिरफ्तार नहीं किया गया। परिवार द्वारा मंत्री की गिरफ्तारी के बाद ही मृतक का अंतिम संस्कार करने की जिद और विपक्षी दलों के दबाव के चलते मंत्री भुल्लर को कथिततौर पर गिरफ्तार किया गया, क्योंकि सरकार की गिरफ्तारी के दावों के बीच मंत्री ने आत्मसमर्पण करने की बात कही है। अब परिवार को सताने का सिलसिला शुरु हो गया लगता है।

















