खाड़ी में युद्ध की स्थिति है। होर्मुज स्ट्रेट बंद है, फिर भी भारत अपनी कूटनीति का इस्तेमाल करते हुए अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रहा है। इसी क्रम में ईरान की मंजूरी के बाद होर्मुज से भारतीय जहाज लगातार गुजर रहे हैं। इसके तहत दो भारतीय एलपीजी टैंकर बंदरगाहों पर पहुंच गए हैं, जबकि दो और होर्मुज जलडमरूमध्य से रास्ते में हैं।
भारत सुरक्षित पहुंचे दोनों टैंकर एलपीजी लेकर आए हैं। तीसरा टैंकर भारतीय जल क्षेत्र में दाखिल हो चुका है और अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है। शनिवार को दो और टैंकर इस जलडमरूमध्य से गुजरना शुरू कर चुके हैं। सभी टैंकर ईरानी अधिकारियों द्वारा बताए गए रास्ते से गुजरे, जो ईरानी तट के काफी करीब था।
जग वसंत टैंकर पहुंचा
230 मीटर लंबा जग वसंत टैंकर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) के लिए 47,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया था। यह शुक्रवार रात करीब 8 बजे वडिनार टर्मिनल (कांडला बंदरगाह) पर लंगर डाल चुका है। यहां कार्गो को शिप-टू-शिप (एसटीएस) ट्रांसफर के जरिए जामनगर एंकरेज पर उतारा जा रहा है। पोर्ट के प्रवक्ता ओमप्रकाश दादलानी ने बताया कि टैंकर पर सवार 14 सदस्यीय क्रू पूरी तरह स्वस्थ है और उनका मनोबल अच्छा है।
पाइन गैस टैंकर की स्थिति
पाइन गैस टैंकर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के लिए चार्टर्ड है। यह शुक्रवार रात भारतीय जल क्षेत्र में दाखिल हो गया था। यह ओडिशा के धामरा बंदरगाह पर 2 अप्रैल को पहुंचने वाला है।
बीडब्ल्यू टायर और बीडब्ल्यू एल्म रास्ते में
शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना शुरू करने वाले दो टैंकरों की डिटेल्स इस प्रकार हैं:
बीडब्ल्यू टायर: यह मुंबई जा रहा है। 31 मार्च शाम 8 बजे यहां पहुंचने की उम्मीद है। इसमें 23,653 टन प्रोपेन और 22,926 टन ब्यूटेन है, जो भारत पेट्रोलियम के लिए है। टैंकर पर 27 भारतीय नाविक सवार हैं।
बीडब्ल्यू एल्म: यह न्यू मंगलौर जा रहा है। 1 अप्रैल दोपहर 12 बजे पहुंचने वाला है। इसमें 23,860 टन प्रोपेन और 23,139 टन ब्यूटेन है, जो हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के लिए है। टैंकर पर 28 भारतीय नाविक हैं।
शिपिंग मंत्रालय के एक अधिकारी ने इन दोनों टैंकरों की जानकारी देते हुए कहा कि सभी नाविक भारतीय हैं और कार्गो संबंधित कंपनियों के लिए है।
बाकी टैंकरों का इंतजार
तीन और भारतीय झंडे वाले एलपीजी टैंकर जग विक्रम, ग्रीन आशा और ग्रीन संवी अभी मीना सकर के पास लंगर डाले हुए हैं। ये उत्तर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए भारतीय नौसेना के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का एक अहम रास्ता है, जहां से तेल और गैस की सप्लाई होती है। इन टैंकरों ने ईरानी तट के करीब रहते हुए सुरक्षित यात्रा पूरी की।

















