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रूस ईरान को शाहेद-स्टाइल ड्रोन भेज रहा है? यूरोपीय खुफिया रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

यूरोपीय खुफिया एजेंसियों का दावा - रूस ईरान को ड्रोन, दवाइयाँ और खाना चरणबद्ध तरीके से भेजने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका-इजरायल युद्ध में ईरान को मजबूत करने की कोशिश।

Published by
कुलदीप सिंह

ईरान में चल रहे युद्ध के करीब एक माह होने को हैं, लेकिन फिर भी अब तक अमेरिका और इजरायल ईरान को झुका नहीं पाए हैं। इस्लामिक मुल्क तबाह तो हो रहा है, लेकिन वह लगातार जबर्दस्त पलटवार कर रहा है। इसी क्रम में यूरोपीय देशों ने एक बार फिर से दावा किया है कि रूस ईरान को ड्रोन की सप्लाई कर रहा है।

द गार्डियन में छपी खबर के मुताबिक, यूरोप की खुफिया एजेंसियों का मानना है कि रूस ईरान को ड्रोन सप्लाई करने की आखिरी तैयारी में है। ये ड्रोन ईरान अमेरिका और इजरायल के साथ अपने युद्ध में इस्तेमाल कर सकता है। अभी तक रूस ईरान के साथ सिर्फ खुफिया जानकारी साझा कर रहा था, जिससे ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सके। लेकिन अब विस्फोटक भरे ड्रोन भेजना मौत का हथियार देने जैसा पहला कदम होगा, जो युद्ध शुरू होने के बाद का हो।

ड्रोन, दवाइयां और ईरान भेजेगा रूस

एक वरिष्ठ यूरोपीय अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि रूस ड्रोन, दवाइयां और खाना ईरान को चरणबद्ध तरीके से भेजने की तैयारी कर रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिमी खुफिया रिपोर्ट्स में यही बात सामने आई है। डिलीवरी की मात्रा के बारे में उन्होंने कोई डिटेल नहीं दी, लेकिन कहा कि अगले हफ्ते के बीच तक ये काम पूरा हो सकता है।

रूस और ईरान के अधिकारी फरवरी के आखिर में इजराइल और अमेरिका के तेहरान पर हमले के कुछ ही दिन बाद गुप्त रूप से ड्रोन भेजने की बातचीत शुरू कर चुके थे। रूस पहले से ही ईरानी शाहेद ड्रोन के डिजाइन पर आधारित एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन बना रहा है, जो वो यूक्रेन में इस्तेमाल कर रहा है। ईरान के शाहेद ड्रोन पहले यूक्रेन की आसमान में आतंक फैला चुके हैं और अब मध्य पूर्व में भी इस्तेमाल हो रहे हैं।

अजरबैजान के रास्ते भेजी मदद

रूस ने अजरबैजान के रास्ते से ईरान को 13 टन से ज्यादा दवाइयां भी भेजी हैं। दोनों देशों के बीच पिछले साल एक रणनीतिक साझेदारी का समझौता भी हो चुका है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में खाड़ी के पार हजारों सस्ते हमलावर ड्रोन दागे हैं। इनसे कुवैत, कतर, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात के कुछ ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। तेहरान का कहना है कि वो क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना बना रहा है।

यूक्रेन से हमारा ध्यान हटाना चाहता है रूस

इस मामले पर यूरोपीय विदेश मंत्री भी चिंतित हैं। फ्रांस में हुई जी7 बैठक में जर्मनी के जोहान वाडेफुल और ब्रिटेन की यवेट कोपर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से इस बारे में बात की। वाडेफुल ने कहा कि रूस ईरान को संभावित हमले के टारगेट की जानकारी दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ईरान के युद्ध को यूक्रेन पर अपने हमले से ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “पुतिन उम्मीद कर रहे हैं कि मध्य पूर्व में बढ़ती तनाव से हमारा ध्यान यूक्रेन से हट जाएगा, लेकिन यह गणना काम नहीं करनी चाहिए। दोनों संघर्ष एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।”

यवेट कोपर ने भी रूस और ईरान के बीच ड्रोन जैसी क्षमताओं को साझा करने वाले पुराने संबंधों पर गहरी चिंता जताई। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अभी बहुत सारी फर्जी खबरें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि हम ईरानी नेतृत्व के साथ अपना संवाद जारी रखे हुए हैं।

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