नई दिल्ली : पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए शुक्रवार को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों से उत्पन्न स्थिति और भारत पर इसके संभावित प्रभाव के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर काम करते हुए, देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक उबर जाएगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि ये सुझाव बदलती हुई स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने आगामी चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्कता, तैयारी और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
सहयोग और समन्वय पर जोर
पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को इसी तरह की वैश्विक चुनौतियों से निपटने का पूर्व अनुभव है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए सामूहिक प्रयासों को याद किया, जब केंद्र और राज्यों ने आपूर्ति श्रृंखलाओं, व्यापार और दैनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर काम किया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सहयोग और समन्वय की यही भावना वर्तमान परिस्थितियों से निपटने में भारत की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है।
निरंतर निगरानी की जरूरत
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि स्थिति लगातार बदल रही है, जिसके लिए निरंतर निगरानी और अनुकूल रणनीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 3 मार्च से एक अंतर-मंत्रालयी समूह कार्यरत है, जो प्रतिदिन स्थिति की समीक्षा कर रहा है और समय पर निर्णय ले रहा है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना है।
राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्णयों का प्रभावी कार्यान्वयन राज्य स्तर पर ही होता है। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच निरंतर संचार और समन्वय के साथ-साथ समय पर सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त निर्णय लेने का आह्वान किया, ताकि त्वरित और सुव्यवस्थित प्रतिक्रियाएं सुनिश्चित की जा सकें।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई हो
प्रधानमंत्री ने राज्यों से आपूर्ति श्रृंखलाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने और जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने व्यवधानों को रोकने के लिए राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्षों को सक्रिय करने और प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कृषि क्षेत्र में, विशेष रूप से उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी में, अग्रिम योजना बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि आगामी खरीफ मौसम में किसानों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
गलत सूचनाओं और अफवाहों का प्रसार न हो
प्रधानमंत्री ने गलत सूचनाओं और अफवाहों के प्रसार के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि घबराहट को रोकने के लिए सटीक और विश्वसनीय जानकारी का समय पर प्रसार आवश्यक है। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की भी सलाह दी। प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती और तटीय राज्यों में जहाजरानी, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री संचालन से संबंधित किसी भी उभरती चुनौती के समाधान के लिए विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर न पड़े असर
उन्होंने जनता का विश्वास बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के बारे में आश्वासन देने से नागरिकों में अनावश्यक घबराहट को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पश्चिम एशिया में नागरिकों वाले राज्य प्रभावित परिवारों की सहायता करने और सूचना के समय पर प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए हेल्पलाइन सक्रिय करें, नोडल अधिकारी नियुक्त करें और जिला स्तरीय सहायता प्रणाली स्थापित करें।
उत्पादन और रोजगार सुनिश्चित हो
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक और आपूर्ति प्रणालियों को मजबूत करने के लिए हाल के वर्षों में किए गए प्रयास वर्तमान परिस्थितियों में लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने उद्योग और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के साथ निरंतर संवाद स्थापित करने का आह्वान किया ताकि उनकी चिंताओं का समाधान किया जा सके और उत्पादन एवं रोजगार में स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बदलते हालातों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा और जिला स्तर पर निरंतर निगरानी सहित सभी स्तरों पर सुदृढ़ समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर भी बल दिया।
जैव ईंधन और सौर ऊर्जा को दें बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने तत्काल प्रतिक्रिया और दीर्घकालिक तैयारियों पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने राज्यों से जैव ईंधन, सौर ऊर्जा, गोबर्धन पहल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के प्रयासों में तेजी लाने और पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस कनेक्शन का विस्तार करने का आग्रह किया। उन्होंने राज्यों के सक्रिय सहयोग से तेल और प्राकृतिक गैस के घरेलू अन्वेषण को बढ़ाने के महत्व पर भी बल दिया।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि इस चुनौती का सामना करना एक साझा जिम्मेदारी है और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर काम करते हुए, देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक उबर जाएगा।
सरकार सक्रिय रूप से कर रही काम
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार इस संकट से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है और एलपीजी की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने और पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करने जैसे सकारात्मक कदम उठा रही है। उन्होंने मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र की सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मंत्रिमंडल सचिव टीवी सोमनाथन ने वर्तमान स्थिति पर एक प्रस्तुति दी और राज्यों को इस स्थिति से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों और सिफारिशों को गिनाया।
मुख्यमंत्रियों ने पीएम के कदमों की सराहना की
मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने इस संकट के दौरान विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा विभिन्न देशों से की गई राजनयिक पहलों की भी प्रशंसा की।
निगरानी तंत्र मौजूद
सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने विश्वास व्यक्त किया कि स्थिति स्थिर बनी हुई है, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर निगरानी तंत्र मौजूद हैं। उन्होंने ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कमी के निर्णय का व्यापक रूप से स्वागत किया और कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इससे नागरिकों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी। मुख्यमंत्रियों ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का आवंटन संकट-पूर्व स्तर के 50% से बढ़ाकर 70% करने के निर्णय का भी स्वागत किया। उन्होंने उभरती हुई स्थिति का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने और नागरिकों के हितों की रक्षा करने के लिए केंद्र के साथ निकट समन्वय में काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री की बैठक की प्रमुख बातें
- प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर काम करते हुए, देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक उबर जाएगा
- केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर करेंगी काम, पीएम मोदी ने विश्वास जताया
- मुख्यमंत्रियों ने निकट सहयोग से काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए केंद्र के साथ समन्वय
- मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की
- प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग एवं आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना है
- प्रधानमंत्री ने राज्यों से आपूर्ति श्रृंखलाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने और जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया
- प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में, विशेष रूप से उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी में, अग्रिम योजना की आवश्यकता पर बल दिया
- प्रधानमंत्री ने बदलती परिस्थितियों पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया
- प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती और तटीय राज्यों में जहाजरानी, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री संचालन से संबंधित उभरती चुनौतियों के समाधान के लिए विशेष ध्यान देने का आह्वान किया
- प्रधानमंत्री ने गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार के खिलाफ चेतावनी दी और सटीक एवं विश्वसनीय जानकारी के प्रसार पर जोर दिया
- मुख्यमंत्रियों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ईंधन पर उत्पाद शुल्क कम करने और राज्यों को वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन में वृद्धि के निर्णयों का स्वागत किया
- मुख्यमंत्रियों ने विश्वास व्यक्त किया कि स्थिति स्थिर बनी हुई है और उनके राज्यों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है
- पश्चिम एशिया संकट से निपटेगी टीम इंडिया : पीएम मोदी की अपील पर सभी मुख्यमंत्री एकजुट, गैस और पेट्रोल की नहीं है कोई कमी

















