भाजपा नेता माधवी लता इन दिनों एक बार फिर से निशाने पर हैं। वे इसलिए निशाने पर हैं क्योंकि उन्होंने एयरपोर्ट पर बने प्रार्थना कक्ष (प्रेयर रूम) में जाकर दुर्गा सूक्त का पाठ किया। चूंकि उन्होंने सस्वर में पाठ किया और इसका वीडियो पोस्ट किया तो अब लोग उन पर हमलावर हैं। उन्होंने पोस्ट किया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर दुर्गा सूक्तं का पाठ किया और जगत माता से शक्ति मांगी।
माधवी लता ने वहां पर इसका सस्वर पाठ किया। यह भी लिखा कि हम इन प्रार्थना कक्षों को पुण्य क्षेत्र के रूप में मानें। और वे गहन मौन और गहरे आध्यात्मिक जुड़ाव के क्षेत्र बने रहें।
A moment of stillness amidst the rush – Pranams to the Divine in the Heart of Bharat
In the pursuit of Loka Kalyan (the well-being of the world), one must first find inner alignment. At the Delhi Airport prayer room, I immersed myself in the celestial verses of the Durgā Sūktam,… pic.twitter.com/z8fmJT0JQx— Kompella Madhavi Latha (@Kompella_MLatha) March 23, 2026
इस वीडियो के सामने आते ही लोगों की घृणा बरसने लगी। चूंकि वे सस्वर पाठ कर रही थीं और उनके सामने कुछ मुस्लिम महिलाएं भी थीं। इसलिए लोगों का कहना है कि वह वीडियो प्रतिक्रिया स्वरूप बनाया गया था। कुछ लोगों ने कहा कि यह वीडियो केवल मुस्लिम महिलाओं को परेशान करने वाला है। जबकि वीडियो में साफ दिख रहा है कि जो मुस्लिम महिलाएं हैं, वे नमाज नहीं पढ़ रही हैं। वे बस वहाँ पर बैठी हैं और कक्ष में भी नहीं हैं। जब कक्ष में कोई और पूजा आदि नहीं कर रहा है, तो जप से समस्या क्या है?
इस पोस्ट को लेकर मोहम्मद ज़ुबैर ने कहा कि जब गोदी मीडिया आपको कोई महत्व नहीं दे रही है, तो आपको ध्यान आकर्षित करने के लिए नियमित रूप से ऐसे स्टंट करने पड़ेंगे। मगर आपको यह जानकर हैरानी होगी कि प्रेयर रूम में से किसी ने भी आप पर ध्यान नहीं दिया।
मगर यह नहीं कोई कह रहा है कि वहाँ पर जो मुस्लिम महिलाएं थीं, वे शायद उस समय नमाज आदि पढ़ नहीं रही थी, बल्कि वे वहाँ पर खड़े होकर या बैठकर नीचे देख रही थीं। जैसा कि वीडियो में दिख रहा है। ऐसे में खाली स्थान पर और प्रार्थना कक्ष में जप करना गलत कैसे हो गया?
इसे लेकर सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा है कि माधवी लता को गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि वह कक्ष केवल शांत तरीके से प्रार्थना करने के लिए है और माधवी लता ने नियम तोड़े हैं। वे सेक्युलर और कट्टरपंथी लोगों के निशाने पर आ गई हैं। प्रार्थना कक्ष में वैसे भी हिन्दू कम ही जाते हैं। वहीं मुस्लिम कट्टरपंथी सोशल मीडिया हैंडल्स भी यह कह रहे हैं कि माधवी लता ने प्रार्थना कक्ष में घुसकर पूजा अर्चना उन मुस्लिम महिलाओं के सामने करनी आरंभ कर दी, जो नमाज पढ़ रही थीं।
The Hindu Hater Bigots, Extremists that are a part of Muslim Organization are already targeting you. The Prayer Rooms in Airports are not exclusive for just Muslims, its a Prayer Room and not a Mosque. Why do these Muslim Orgs behave like only Muslims own the whole world? pic.twitter.com/rrqcTKJObp
— Lady Khabri (@KhabriBossLady) March 24, 2026
उस पोस्ट का स्क्रीन शॉट वायरल है। वहीं कुछ मुस्लिम हैंडल्स ये भी आपत्ति दर्ज कर रहे हैं कि आखिर माधवी वहाँ पर गई ही क्यों? लोगों का कहना है कि भजन तो इंसान कहीं भी गा सकता है, जप कहीं भी कर सकता है, मगर नमाज के लिए ही ये कक्ष बने हैं, क्योंकि खुले में नमाज पढ़ने पर लोगों को आपत्ति होती है, इसलिए सार्वजनिक स्थलों पर बने प्रार्थना कक्षों में केवल मुस्लिमों को ही जाने की अनुमति होनी चाहिए। कुछ मुस्लिम हैन्डर्स को यह आपत्ति भी हुई कि चूंकि हिंदुओं में पूजा या जप का कोई विशेष नियम नहीं है, और नियमित अंतराल पर प्रार्थना का कोई विशेष नियम नहीं है, तो फिर यह सब क्यों किया गया?
वहीं काफी संख्या में ऐसे भी हिन्दू यूजर्स थे, जिन्होनें कहा कि वे भी एयरपोर्ट्स पर कई बार हनुमान चालीसा आदि पढ़ना चाहते हैं या जप करना चाहते हैं, मगर उन्हें पता नहीं था
कि वे कहाँ पर कर सकते हैं, तो अब वे भी प्रार्थना कक्षों का प्रयोग कर सकते हैं?
प्रश्न यह उठता है कि माधवी लता पर प्रहार क्यों हो रहे हैं? क्या हवाई अड्डे आदि पर बने हुए प्रार्थना कक्षों पर केवल एक ही मजहब का अधिकार होना चाहिए? क्या कोई और आकर अपने धर्म की प्रार्थना नहीं कर सकता है? हिन्दू धर्म में भी उपासना के समय, जाप के समय निर्धारित हैं। और लोग कभी कभी मंत्रों को मन में ही पढ़ते हैं। इस प्रकार प्रार्थना कक्षों में जाने से वे कतराते हैं, बचते हैं। क्यों ऐसा करते हैं, इसके तमाम कारण हो सकते हैं। मगर अब लोग कह रहे हैं कि पहले जब हम एयरपोर्ट पर होते थे तो योग या दैनिक प्रार्थना कैसे और कहाँ करें, तो अब पता चल रहा है कि कहाँ पर क्या करना है।
कुछ लोग कह रहे हैं कि हिंदुओं को भी इन प्रार्थना कक्षों पर दावा करना चाहिए। उन्हें अपने दावों को छोड़ना नहीं चाहिए। जब वे हर धर्म के लिए हैं, तो केवल एक ही मजहब के लोग क्यों प्रयोग कर रहे हैं? और यदि माधवी लता ने उस कक्ष को प्रयोग किया है और उसका वीडियो साझा किया है तो समस्या क्या है? यह तो गर्व की बात है कि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है, जहां पर प्रार्थनाकक्ष में हिन्दू और मुस्लिम सभी अपने अपने मतानुसार प्रार्थना कर सकते हैं।
















