नई दिल्ली, (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर एशियाई देशों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस ने देश में राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है।
राष्ट्रपति के आदेश में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण देश की ईंधन आपूर्ति और ऊर्जा स्थिरता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सरकार ने इसे एक एहतियाती कदम बताते हुए ऊर्जा संकट से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। राष्ट्रपति मार्कोस ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय जरूरी हो गया था। खासकर होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव और बाधाओं के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर आयात पर निर्भर देशों पर पड़ रहा है।
वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोर
फिलीपींस सरकार अब वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और घरेलू स्तर पर ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है, ताकि संभावित संकट से निपटा जा सके। माना जा रहा है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है, तो इसका प्रभाव और भी कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है। फिलीपींस का यह कदम इस बात का संकेत है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता तेजी से बढ़ रही है। सरकार ने संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने और हालात पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
नेपाल में वाहनों में ऑड इवेन लागू करने पर विचार
नेपाल सरकार ने पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष के कारण ईंधन की आपूर्ति बाधित होने के मद्देनज़र देश में ईंधन की खपत घटाने के मकसद से वाहनों पर ऑड-इवेन प्रणाली लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। नेपाल का आपूर्ति मंत्रालय देश में पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने के उद्देश्य से सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के वाहनों पर यह प्रणाली लागू करने को लेकर संबंधित निकायों के साथ चर्चा कर रहा है।
मंत्रालय के प्रवक्ता नेत्र प्रसाद सुवेदी के अनुसार, इस व्यवस्था को लागू करने के लिए मंत्रालय स्तर पर आंतरिक चर्चा जारी है। इसी विषय पर यातायात व्यवस्था विभाग ने भी अपनी ओर से पहल करते हुए परिवहन व्यवसायियों के साथ बैठक रखी है। आपूर्ति मंत्रालय इस बात पर विचार कर रहा है कि तारीख के हिसाब से वाहनों में ऑड-इवेन प्रणाली लागू किया जाए। नेपाल में तेल की आपूर्ति में कमी आने के कारण अधिक दिनों तक ईंधन की आपूर्ति करने के उद्देश्य से यह शुरू किया जा रहा है।
सरकार फिलहाल इस पर अंतिम निर्णय लेने से पहले विभिन्न पक्षों से सुझाव ले रही है।

















