पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के आत्महत्या मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब भुल्लर के खिलाफ अमृतसर में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए पीए दिलबाग सिंह का नाम भी शामिल है।
आरोप है कि निविदा को लेकर मंत्री की ओर से मैनेजर रंधावा पर लगातार दबाव और धमकियां दी जा रही थीं। परिवार के अनुसार, इसी तनाव के बीच रंधावा ने जहर निगल लिया। घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने, धमकी देने और साजिश से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
प्रदेश की राजनीति भी गरमाई
घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्षी दलों ने मंत्री की गिरफ्तारी की मांग उठाई है और इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। परिवार ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों के अनुसार, रंधावा ने घटना से पहले अपने कुछ परिचितों को एक छोटा वीडियो भेजा था, जिसमें उन्होंने दबाव की बात कही थी। पुलिस ने इस वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
टेंडर को लेकर लगाए गए आरोप
मृतक की पत्नी उपिंदर कौर जोली सरकारी स्कूल में विज्ञान अध्यापिका हैं। उनके तीन बच्चे हैं। परिजनों का कहना है कि रंधावा वेयरहाउस में जिला मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और अमृतसर व तरनतारन जिलों से संबंधित कार्य देख रहे थे। पुलिस के अनुसार, शिकायत में टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी कुछ आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जांच अलग से की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को निगला जहरीला पदार्थ
गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार देर रात जहरीला पदार्थ निगल लिया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। खुदकुशी से पहले शुक्रवार देर रात को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में पूर्व कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को इस कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया। मंत्री पर आरोप है कि रंधावा पर मंत्री की ओर से लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। मंत्री द्वारा अपने पिता के नाम टेंडर दिलवाने का दबाव डाला जा रहा था।
मंत्री के पिता ने भी डाले थे टेंडर
आरोप है कि मंत्री की ओर से अपने पिता के नाम पर कई तरह के टेंडर डाले गए थे, जिनमें से एक पंजाब वेयरहाउस का टेंडर भी शामिल था, जिसे मंत्री लेना चाहते थे। लेकिन जब रंधावा टेंडर दिलवाने में असफल रहे तो उन्हें घर बुलाकर मारपीट की गई और उसका वीडियो बनाया गया। इतना ही नहीं रंधावा के ऊपर 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का एक फर्जी वीडियो तैयार किया गया। इसके अलावा उनके परिवार गैंगस्टरों से मरवाने की धमकियां दी गई। जब यह सारा मानसिक तनाव रंधावा ना झेल पाए तो उन्होंने शुक्रवार देर रात को जहर निगल लिया। इन सभी बातों का जिक्र रंधावा ने खुद की ओर से डीसी तरनतारन और विभाग के एमडी को लिखे पत्र में किया है। वहीं परिवार की ओर से भी पुलिस दी गई शिकायत में इन सभी बातों का उल्लेख किया और साथ ही पत्रों की कापी भी मुहैया करवाई गई है।
न्याय को लेकर विपक्ष सड़कों पर
अमृतसर में पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के आत्महत्या मामले सियासी तनाव बढ़ गया है। मामले में आप सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सभी विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं। रविवार को सभी विपक्षी दलों के नेता व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया। चंडीगढ़ स्थित पंजाब सीएम ऑफिस घेराव किया। मुख्य तौर पर शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के नेता व कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के लिए इक्ट्ठे हुए। वहीं प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने मोर्चा संभाला। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई। जैसे ही प्रदर्शनकारी आगे बढऩे की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने उनपर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
जब तक मंत्री की गिरफ्तारी नहीं तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा : मृतक की पत्नी
गगनदीप सिंह रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर का कहना है कि परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने मेरे पति को बहुत प्रताड़ित किया। पति को इतना बेबस कर दिया गया कि उन्होंने अपनी जान ले ली। उन्हें कहा गया था कि उनके परिवार, उनके बच्चों को खत्म कर दिया जाएगा और उनके पीछे गैंगस्टर लगा दिए जाएंगे। 13 मार्च को उनके दफ्तर में उन्हें बहुत प्रताड़ित किया गया। शनिवार सुबह, यानी कल, उन्होंने अपनी जान ले ली। मेरे 3 छोटे बच्चे हैं। मेरी सास हैं। हम सभी न्याय की मांग करते हैं। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। रंधावा की पत्नी ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। मुझे न्याय चाहिए और कुछ नहीं।
उपिंदर कौर ने कहा कि 13 मार्च को जब वह वापस आए, तो उन्होंने मुझे सब कुछ बता दिया था। उन्होंने अपने विभाग में शिकायत भी की थी। वे बस उन्हें आश्वासन देते रहे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। शुरुआत में सरकार के दबाव के चलते एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। यह सब इसलिए किया गया क्योंकि एक टेंडर पास नहीं किया गया था। यह जताया जा रहा था कि मेरे पति जान-बूझकर उसे पास नहीं कर रहे थे। मुझे अपनी जान का डर है; मुझे और मेरे बच्चों को सुरक्षा दी जानी चाहिए। अगर हमें कुछ भी होता है, तो इस सरकार की जिम्मेदारी होगी।
लाल किला हिंसा में भी शामिल थे मंत्री
दिल्ली की सीमा पर चले कथित किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली में लाल किले पर हुई हिंसा के दौरान भी मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर किले पर दिखाई दिए थे। वह उस समय की एक फोटो में नजर आ रहे हैं।

















