भुवनेश्वर। सुंदरगढ़ जिले में गौ तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियारबंद अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में आठ तस्करों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 105 गोवंश को सुरक्षित मुक्त कराया गया। सुंदरगढ़ के एसपी अमृतपाल कौर ने बड़गांव थाने में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।
हथियार से लैस ‘एस्कॉर्ट’ कर रहे थे तस्कर
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बड़गांव थाना क्षेत्र से कुछ बदमाश हथियारों से लैस होकर दो चारपहिया वाहनों में मवेशियों को छत्तीसगढ़ से खतकुरबहाल तक ले जा रहे हैं। ये तस्कर अपनी गाड़ियों के साथ मवेशियों के झुंड को सुरक्षा (एस्कॉर्ट) प्रदान कर रहे थे। सूचना मिलने पर एसपी अमृतपाल कौर के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने राज्य राजमार्ग पर कुंभहाल चौक के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों को रोक लिया। तलाशी के दौरान एक हुंडई आई20 कार से बड़गांव निवासी अरविंद सारंगी (19) और खतकुरबहाल निवासी मोहम्मद कैस (22) को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से पांच जिंदा कारतूसों से भरी देसी पिस्तौल बरामद हुई।

वहीं, दूसरी गाड़ी मारुति ब्रेजा में छह अन्य आरोपियों को पकड़ा गया। इनके पास से 7.65 कैलिबर की देसी एयर गन और मैगजीन सहित पांच कारतूस बरामद किए गए। ब्रेजा गाड़ी सवार आरोपियों की पहचान तलसरा ब्लॉक के कृष्ण चंद्र बारिक (29), अजीत बांचूआ (32), दिलीप कुमार बारिक (42), संतोष धरुआ (51), केशब बरसातिया (30) और सीताराम नायक (42) के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 से अब तक जिले में मवेशी तस्करी के 37 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 864 मवेशियों को बचाया गया और 94 आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है। एसपी अमृतपाल कौर ने बताया कि इस कार्रवाई से न केवल अवैध मवेशी तस्करी की बड़ी वारदात को रोका गया, बल्कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिली। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
कुंभहाल और झिरपाणी में गोवंश की बड़ी मात्रा में बरामदगी
सुंदरगढ जिले में ही एक और घटना सामने आयी है । सुंदरगढ पुलिस ने कुंभहाल और झिरपाणी गांव के पास दो अलग-अलग स्थानों पर तस्करों की गतिविधियों को पकड़ते हुए 100 से अधिक गोवंश को सुरक्षित मुक्त कराया। तस्करों ने पुलिस की कार्रवाई से पहले ही भागने का प्रयास किया। मुक्त किए गए मवेशियों को गोशाला में सुरक्षित स्थानांतरित किया गया और उनके मालिकों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खतकुरबहाल क्षेत्र के कुछ गो व्यवसायी लंबे समय से अवैध तस्करी में संलिप्त हैं। हाल के महीनों में पुलिस ने लगातार अभियान चलाकर इस अवैध कारोबार पर कार्रवाई शुरू की है।

















