राष्ट्र सेविका समिति की वरिष्ठ प्रचारिका एवं पूर्व सह सरकार्यवाहिका रेखा राजे जी का निधन हो गया है। वो गंभीर रूप से बीमार थीं और दिल्ली स्थित AIIMS में रविवार को अंतिम सांस ली। आज उनके पार्थिव देह को दिल्ली में दर्शन के लिए रखा गया और शाम 4 बजे भैरव घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा>
आपातकाल के समय कानपुर में सत्याग्रह किया
रेखा ताई मूल रूप से महाराष्ट्र से आती हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा पुणे में हुई और उसके बाद आपने समाजशास्त्र में एम.ए., शिक्षा शास्त्र में बी.एड. की डिग्री कानपुर विश्वविद्यालय से प्राप्त की। जब इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल लगाकर राष्ट्र के लिए उठने वाली सभी आवाजों को जेल में ठूंस दिया था, उस दौरान रेखा ताई ने कानपुर में सत्याग्रह किया और महिला आंदोलन का नेतृत्व किया था।
राष्ट्र सेविका समिति की वरिष्ठ प्रचारिका पूर्व सह सरकार्यवाहिका रेखा राजे जी (रेखा ताई) का रविवार को AIIMS दिल्ली में निधन हो गया।
आपकी प्रारंभिक शिक्षा पुणे में हुई, और आपने एम.ए. (समाजशास्त्र) तथा शिक्षा शास्त्र में बी.एड. की डिग्री कानपुर विश्वविद्यालय से प्राप्त की। आपातकाल… pic.twitter.com/q5cfW5cc9G— VSK BHARAT (@editorvskbharat) March 16, 2026
बाद में अशोक सिंघल और सिंधुताई फाटक की प्रेरणा से रेखा ताई राष्ट्र सेविका समिति की पूर्णकालिक प्रचारिका बनीं और आजीवन अविवाहित रहकर देश सेवा का संकल्प लिया। रेखा ताई ने दिल्ली की प्रांत प्रचारिका, उत्तर क्षेत्र प्रचारिका, अखिल भारतीय प्रचारिका प्रमुख सहित अन्य दायित्वों का निर्वहन किया। इसके साथ ही कई वर्षों तक जालंधर को केंद्र बनाकर पूरे उत्तर क्षेत्र में समिति के कार्यों को आगे बढ़ाया।
कश्मीर में अनेक हिन्दू लड़कियों को बचाया
90 के दशक में जब इस्लामिक कट्टरता अपने उभार पर थी और हिन्दुओं का नरसंहार किया जा रहा था तो रेखा ताई ने अनेक लड़कियों की रक्षा की। लव जिहाद में फँसी कई हिन्दू लड़कियों को वापस लाने में भी रेखा ताई का बड़ा योगदान रहा।

















