उत्तर प्रदेश में हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें परीक्षा के दौरान चेकिंग के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को अभ्यर्थियों की कलाई से ‘कलावा’ धागा काटते हुए देखा गया। यह घटना न केवल अभ्यर्थियों के लिए चिंताजनक रही, बल्कि सामाजिक और धार्मिक संवेदनाओं के लिहाज से भी अत्यंत विवादास्पद मानी जा रही है।
धार्मिक प्रतीकों को हटाना अवैध- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया और स्पष्ट किया कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने यह भी दोहराया कि अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि वे किसी भी अभ्यर्थी द्वारा पहने गए धार्मिक या सांस्कृतिक प्रतीकों जैसे कलावा, मंगलसूत्र आदि को हटाने या उतारने का प्रयास न करें।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओ के दौरान अभ्यर्थियों की चेकिंग / फ्रिस्किंग के संबंध में निरंतर यह नीतिगत निर्देश दिए जाते हैं कि किसी भी अभ्यर्थी द्वारा धारण किए गए धार्मिक सांस्कृतिक चिन्हों जैसे कलावा, मंगलसूत्र आदि को न तो हटवाया जाएगा ना…
— Uttar Pradesh Police Recruitment & Promotion Board (@upprpb) March 14, 2026
UPPRPB ने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सख्त निर्देश जारी किए- बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की चेकिंग और फ्रिस्किंग के संबंध में स्पष्ट नीतिगत दिशा-निर्देश पूर्व से ही दिए जा चुके हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अभ्यर्थी की धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत आस्था का उल्लंघन न हो। इसके अलावा, तैनात पुलिस बल को प्रत्येक ब्रीफिंग में इस संबंध में हिदायत दी जाती है, ताकि सभी कर्मचारी परीक्षा संचालन में संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करें। UPPRPB ने यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक बताया और कहा कि ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषी कर्मचारियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

















