भुवनेश्वर। ओडिशा के पुरी जिले की एक महिला ने अपनी बेटी को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रशासन से तत्काल सहायता की अपील की है। महिला का आरोप है कि उसकी नाबालिग बेटी को मोबाइल एप के जरिए प्रेम संबंध के बहाने फुसलाकर बांग्लादेश ले जाया गया है। परिवार ने इस मामले को “लव जिहाद” का मामला बताया है और राज्य व केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसकी बेटी की ऑनलाइन दोस्ती सबीर नाम के एक युवक से हुई थी, जिसने खुद को बंगाली युवक बताकर उससे संपर्क किया था। महिला का आरोप है कि युवक ने धोखे और भावनात्मक दबाव के जरिए उसकी नाबालिग बेटी को अपने जाल में फंसा लिया। पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, 27 नवंबर 2021 को 16 वर्ष की उम्र में लड़की अचानक लापता हो गई थी। इसके बाद परिवार ने पुरी के स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शुरुआती जांच के दौरान परिवार को सूचना मिली कि लड़की पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में है।
कंधमाल में 10 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण, हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला
मां ने बताया कि वह पुलिस की मदद से कूचबिहार पहुंची थी ताकि अपनी बेटी को वापस ला सके। हालांकि, उनका आरोप है कि उस समय आरोपी युवक वहां से फरार हो गया और उसे पकड़ नहीं लिया जा सका, जिसके कारण उनकी बेटी को बचाया नहीं जा सका। महिला का यह भी आरोप है कि बाद में उसकी बेटी को पश्चिम बंगाल से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर बांग्लादेश ले जाया गया। उनका दावा है कि फिलहाल उसकी बेटी वहीं पर उसकी इच्छा के विरुद्ध रखी गई है।
महिला के अनुसार, उसकी बेटी कभी-कभी फोन के जरिए उससे संपर्क कर पाती है और उसने शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना की बात भी बताई है। मां ने यह भी आरोप लगाया है कि उसकी बेटी पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है। महिला के मुताबिक, उसकी बेटी से आखिरी बार 2 मार्च 2026 को बातचीत हुई थी। मदद की नई अपील करते हुए पीड़ित मां ने हाल ही में पुरी पुलिस के अधिकारियों से फिर संपर्क किया और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
महिला ने ओडिशा सरकार और केंद्र सरकार से कूटनीतिक और कानूनी कदम उठाकर उसकी बेटी को सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पुरी जिले के पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह ने कहा कि शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमें शिकायत मिली है और हम सभी तथ्यों की जांच कर रहे हैं। आवश्यक जानकारी जुटाने के बाद स्पेशल ब्रांच से संपर्क किया जाएगा और संबंधित उच्चायोग को पत्र लिखकर लड़की की वापसी के प्रयास किए जाएंगे।”
















