ईरान में चल रहे युद्ध के बीच हाल ही में अमेरिका ने ईरान के एक स्कूल पर हमला किया था, जिसमें छात्रों समेत 175 लोगों की मौत हो गई थी। अब डोनाल्ड ट्रंप के झूठ का पर्दाफाश खुद अमेरिकी सेना ने ही कर दिया है। अमेरिकी सेना की एक प्रारंभिक जांच के मुताबिक, 28 फरवरी को ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में शजराह तैय्येबा लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर एक टॉमहॉक मिसाइल हमला हुआ। दुनिया जानती है कि टॉमहॉक मिसाइल अमेरिका की है।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि यह हमला अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर शुरू किए गए बड़े सैन्य अभियान के पहले दिन हुआ था। जिस स्कूल पर अमेरिका ने मिसाइलें दागी थीं, वह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के नौसेना ठिकाने के ठीक बगल में था। अब हालांकि, अमेरिका ने ये मान लिया है कि ये हमला उन्हीं की मिसाइल से हुआ था, लेकिन इसके साथ ही खुद का बचाव करते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सफाई दी है कि वो हमला डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी की पुरानी जानकारी के आधार पर किया था। इस वजह से मिसाइल स्कूल पर जा गिरी, जबकि असल निशाना पास का IRGC बेस था। स्कूल की इमारत पिछले कई सालों से ठिकाने से अलग दीवारों से घिरी हुई थी और वहां सिर्फ बच्चे पढ़ते थे। सुबह के समय क्लास चल रही थीं, जब मिसाइल लगी। स्कूल का आधा हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया।
ईरानी मीडिया ने पहले ही टॉमहॉक का वीडियो कर दिया था जारी
ईरानी मीडिया ने हमले का वीडियो जारी किया है, जिसमें टॉमहॉक मिसाइल दिख रही है। बेलिंगकैट जैसी जांच एजेंसियों ने इस वीडियो की जियोलोकेशन की और पुष्टि की कि यह अमेरिकी मिसाइल है। हथियार विशेषज्ञों ने कहा कि मिसाइल के टुकड़ों में अमेरिकी मार्किंग मिली है, जो ईरान के अपने हथियारों से अलग है। ईरान ने मिसाइल के अवशेष और वीडियो सबूत पेश किए। कई स्वतंत्र जांचों में भी यही बात सामने आई कि हमला अमेरिकी था, जो स्कूल पर लगा।
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मौतें और नुकसान
ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, उस हमले में 175 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें 7 से 12 साल की ज्यादातर लड़कियां शामिल थीं। कुछ रिपोर्टों में आंकड़ा 165 से 168 तक बताया गया। कई बच्चे घायल हुए। यह युद्ध में अब तक की सबसे बड़ी नागरिक मौतों वाली घटना मानी जा रही है। स्कूल पूरी तरह बर्बाद हो गया, और आसपास धुआं और तबाही का मंजर था।
ट्रंप का बयान निकला झूठा
इस हमले को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा था,”मेरी राय में यह ईरान ने किया है, उनके हथियारों में कोई सटीकता नहीं है।” लेकिन उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया। पेंटागन ने कहा कि घटना की जांच चल रही है और अभी टिप्पणी करना ठीक नहीं। जांच में अमेरिकी जिम्मेदारी सामने आई है, लेकिन यह अभी अंतिम नहीं हुई।

















