मध्य प्रदेश में ‘लव जिहाद’ की घटनाएं लगातार एक के बाद एक सामने आ रही हैं, अब इंदौर से सामने आए प्रकरण ने एक बार फिर इस घिनौनी साजिश को सामने ला दिया है। यहां कैफे संचालक फरहान शेख पर एक डिजिटल मार्केटिंग करने वाली हिंदू युवती ने दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण का गंभीर आरोप लगाया है। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों के साथ पीड़िता ने कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई। जिसके बाद पीड़िता की शिकायत पर महिला थाने में एफआईआर दर्ज हुई है और पुलिस कमिश्नर को अपनी आपबीती सुनाने के बाद मामला गरमाया हुआ है।
दरअसल, मध्य प्रदेश का इंदौर एक बड़ा शहर है, इसे राज्य की आर्थिक राजधानी तक कहा जाता है, जहां प्रदेश भर से कई युवक-युवतियां रोजगार एवं पढ़ाई के लिए आते हैं। जिसमें कि कैफे, सोशल मीडिया और जॉब के बहाने हिंदू युवतियों को फंसाने की कोशिशें इस्लामवादियों द्वारा अक्सर सामने आ रही हैं। इस केस में फरहान ने कैफे की आड़ लेकर युवतियों से संपर्क बनाया, शोषण किया और धर्मांतरण का दबाव डाला। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने पहले दोस्ती का वास्ता देकर विश्वास जीता, फिर शारीरिक शोषण किया और निकाह का लालच देकर धर्म बदलने को मजबूर करने की कोशिश की।
क्या है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि इंदौर के बुढ़ानिया निवासी फरहान पिता शफुद्दीन शेख हातोद क्षेत्र में एक कैफे चलाता है। उसके पिता सरपंच हैं और अल्पसंख्यक मोर्चा में सक्रिय भी हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से मुलाकात कर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उसने कमिश्नर के सामने रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाई, कैसे फरहान ने कैफे में चाय-कॉफी के बहाने बातचीत शुरू की, नंबर लिया और धीरे-धीरे जाल में फंसा लिया। कमिश्नर ने तुरंत महिला थाने भेजा, जहां दुष्कर्म, धर्मांतरण (मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम) और अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई।
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फरहान के मोबाइल से मिले आपत्तिजनक वीडियो
पुलिस जांच में फरहान के मोबाइल से कई युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है। बताया यहां तक जा रहा है कि आरोपी कैफे को हनीट्रैप का अड्डा बनाए हुए था। हिंदूवादी संगठनों ने पहले भी उसके फोन का डेटा एक अन्य थाने को सौंपा था, लेकिन तब गंभीर कार्रवाई नहीं हुई। अब वीएचपी ने साफ कहा है कि आरोपी को बख्शा नहीं जाए। यह पहला केस नहीं है। फरहान का नाम रीवा की एक हिंदू युवती के रेप और अश्लील हरकतों के मामले में पहले आ चुका है। तब गांधी नगर थाने में हिंदू संगठन पहुंचे थे, लेकिन बाद में ऐसा क्या हुआ कि युवती को अपने बयान बदल देने पड़े। पुलिस ने केवल प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की, मोबाइल जांच अधर में लटक गई।
इसके अलावा, फरहान पर जादू-टोना के आरोप भी लगे। रीवा वाली युवती पर तांत्रिक क्रियाएं कराने के वीडियो वायरल हुए थे। उसके फोन से रिकॉर्डिंग्स बरामद हुईं, जोकि पीड़िता को काबू में रखने के लिए इस्तेमाल होती थीं। बाद में वह युवती इंदौर छोड़कर हमेशा के लिए रीवा चली गई। इन पुराने मामलों से साफ है कि फरहान लंबे समय से हिंदू लड़कियों को निशाना बना रहा था। हिंदू संगठन इसे सुनियोजित ‘लव जिहाद’ का चेन बताते हैं, जहां शोषण के बाद धर्मांतरण और निकाह का फॉर्मूला अपनाया जाता है।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बना है। धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत जबरन या लालच से धर्मांतरण पर 10 साल की सजा। इंदौर पुलिस ने ऐसे कई गिरोहों का पर्दाफाश किया है। पहले भी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में भी कैफे-बार के बहाने शोषण के केस पकड़े गए हैं। राज्य सरकार ने युवतियों को जागरूक करने के लिए हेल्पलाइन और वर्कशॉप शुरू किए हैं। विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) जैसे संगठन सतर्कता अभियान चला रहे हैं। इस घटना से एक बार फिर अलर्ट हो गया है कि युवतियां कैफे, जॉब और सोशल मीडिया पर सावधानी बरतें।उधर, आरोपी के राजनीतिक रसूख के चलते पीड़िता का परिवार डरा हुआ है, लेकिन हिन्दू संगठनों का समर्थन उन्हें मिला है। फिलहाल फरहान फरार बताया जा रहा है, पुलिस छापेमारी कर रही है।

















