चुनाव आयोग के द्वारा मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए कराए जा रहे SIR से देश में अगर कोई राज्य सबसे अधिक विरोध कर रहा है वह है पश्चिम बंगाल। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जाने को लेकर विरोध शुरू कर दिया है। हालांकि, उनके इस विरोध को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि ममता बनर्जी घुसपैठिए मुसलमानों को बचाने की कोशिश कर रही हैं।
क्या है पूरा मामला
पिछले साल 4 नवंबर से चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में SIR की प्रक्रिया शुरू की थी। इसका मकसद मतदाता सूची को साफ-सुथरा और सही बनाना था। लेकिन अंतिम सूची 28 फरवरी को प्रकाशित होने के बाद TMC और ममता बनर्जी ने इसे लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इसमें कई जगहों पर गलत तरीके से नाम काटे गए हैं, खासकर ऐसे लोगों के जो जिंदा हैं लेकिन उन्हें मृत दिखा दिया गया।
कितने नाम हटाए गए
आंकड़ों के मुताबिक, SIR के बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर करीब 7.04 करोड़ रह गई। यानी लगभग 63.66 लाख नाम हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का करीब 8.3 प्रतिशत है। इसके अलावा 60 लाख से ज्यादा मतदाताओं को विचाराधीन श्रेणी में डाला गया है, मतलब उनकी पात्रता की जांच अभी चल रही है और आने वाले हफ्तों में फैसला होगा।
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ममता बनर्जी का धरना
शुक्रवार दोपहर 2 बजे से ममता बनर्जी ने कोलकाता के मध्य इलाके धर्मतल्ला में मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया। यह धरना अनिश्चितकालीन है, यानी कितने दिन चलेगा यह अभी साफ नहीं है। इसमें TMC के कई सांसद, विधायक, मंत्री और बूथ लेवल ऑफिसर्स एसोसिएशन के लोग शामिल हुए। ममता ने कहा कि वे खुद कुछ ऐसे मतदाताओं को मंच पर लाएंगी जो जिंदा हैं लेकिन चुनाव आयोग ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है। उनका आरोप है कि यह सब जानबूझकर किया गया ताकि बंगाली मतदाताओं को वोट देने से रोका जाए।
ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनाव को अपने पक्ष में करने के लिए नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को भाजपा का एजेंट बताया और कहा कि आयोग को शर्म आनी चाहिए जो जिंदा लोगों को मरा हुआ लिख रहा है। उन्होंने वादा किया कि वे इस षड्यंत्र का पर्दाफाश करेंगी।
घुसपैठियों को बचाना चाहती हैं ममता बनर्जी
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने जवाब में कहा कि ममता धरना इसलिए बैठी हैं क्योंकि घुसपैठिए मुसलमानों के नाम बचाने की कोशिश हो रही है। चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह धरना ऐसे समय में शुरू हुआ है जब 8 मार्च को चुनाव आयोग की पूरी पीठ पश्चिम बंगाल का दौरा करने वाली है। राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए यह मुद्दा काफी गरमाया हुआ है। ममता बनर्जी ने पहले भी सुप्रीम कोर्ट में SIR के खिलाफ याचिका दायर की थी।

















