राज्यसभा चुनाव में कई बड़े नाम बिना मुकाबले जीतने की राह पर हैं। इस बार 10 राज्यों की कुल 37 सीटों के लिए नामांकन भरे गए हैं। इनमें से कुछ प्रमुख नेता जैसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार निर्विरोध चुने जाने वाले हैं। ये चुनाव अप्रैल में रिक्त होने वाली सीटों के लिए हैं। नामांकन की जांच 7 मार्च को होगी, वापसी की आखिरी तारीख 9 मार्च है और जरूरत पड़ी तो वोटिंग 16 मार्च को होगी।
कुल सीटों का बंटवारा
ये 37 सीटें 10 राज्यों से हैं, जिनमें महाराष्ट्र से 7, तमिलनाडु से 6, बिहार और पश्चिम बंगाल से 5-5, ओडिशा से 4, असम से 3, हरियाणा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ से 2-2, जबकि हिमाचल प्रदेश से 1 सीट खाली है। भाजपा ऊपरी सदन में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश में जुटी है।
बिहार से क्या स्थिति है
बिहार में 5 सीटें खाली हैं। यहां नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दोनों निर्विरोध जीतने की ओर हैं। नीतीश कुमार पहली बार राज्यसभा जा रहे हैं। नामांकन के दौरान अमित शाह भी मौजूद थे। बिहार में एनडीए की मजबूत स्थिति के कारण यहां कोई कड़ी टक्कर नहीं दिख रही।
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ओडिशा में 4 सीटों पर टक्कर
ओडिशा से 4 सीटें हैं। यहां एक सीट पर कड़ी टक्कर की संभावना है। सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा सांसद सुजीत कुमार को उतारा है। बीजद से संत्रुप्त मिश्रा और डॉ. दत्तेश्वर होटा ने नामांकन किया है। एक स्वतंत्र उम्मीदवार दिलीप राय (भाजपा समर्थित) भी मैदान में हैं, जिससे क्रॉस-वोटिंग की बातें चल रही हैं। बाकी सीटों पर स्थिति साफ दिख रही है।
महाराष्ट्र की सात सीटें
महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा 7 सीटें हैं। महायुति गठबंधन के 6 उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले और विनोद तावड़े शामिल हैं। शरद पवार भी यहां से नामांकन दाखिल कर चुके हैं और निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना है। महाविकास अघाड़ी ने उन्हें अपना एकमात्र उम्मीदवार बनाया था। पार्थ पवार (अजित पवार के बेटे) और शिवसेना (शिंदे गुट) से ज्योति वाघमारे भी मैदान में हैं। रामनाथ ठाकुर और रामदास आठवले दोबारा पहुंच सकते हैं।
हरियाणा में टक्कर संभव
हरियाणा की 2 सीटों में से एक पर मुकाबला हो सकता है। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, एक सीट के लिए 31 वोट चाहिए। यहां सतीश नांदल निर्दलीय, भाजपा से संजय भाटिया और कांग्रेस से करमवीर सिंह बौध उम्मीदवार हैं। पहले भी क्रॉस-वोटिंग देखी गई है।
बंगाल में टीएमसी मजबूत
पश्चिम बंगाल की 5 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस ने चार उम्मीदवार उतारे हैं, जिसमें मंत्री बाबुल सुप्रियो, पूर्व डीजीपी राजीव कुमार, वकील मेनका गुरुस्वामी और अभिनेता कोएल मलिक शामिल हैं। भाजपा ने सिर्फ राहुल सिन्हा को उतारा है।
असम, तेलंगाना और अन्य राज्य
असम की 3 सीटों पर एनडीए के तीन उम्मीदवार – जोगेन मोहन, तेराश गोवाला (भाजपा) और प्रमोद बोरों (यूपीपीएल) हैं। तेलंगाना की 2 सीटों पर कांग्रेस से अभिषेक मनु सिंघवी (दोबारा) और वेम नरेंदर रेड्डी। तमिलनाडु की 6 सीटों पर अन्नाद्रमुक, पीएमके, द्रमुक, कांग्रेस और डीएमडीके के उम्मीदवार हैं, एम थंबिदुराई दोबारा जा सकते हैं। छत्तीसगढ़ में भाजपा से लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस से फूलो देवी नेताम। हिमाचल की एक सीट पर कांग्रेस ने अनुराग शर्मा को चुना, जबकि कई बड़े नाम उम्मीदवार थे।













