अजमेर (हि.स.) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि जिस तरह मुस्लिम लीग की भारत के प्रति नफरत ने देश का विभाजन कराया था, उसी तरह आज कांग्रेस देश को बदनाम करने और कमजोर करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने हाल ही में दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के ‘शर्टलेस प्रदर्शन’ को देश की छवि धूमिल करने का प्रयास बताया। प्रधानमंत्री प्रदेश को 16,680 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
एआई शिखर सम्मेलन में कांग्रेस पर आरोप
प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई देशों के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मंत्री और बड़ी कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए थे और उन्होंने भारत की उपलब्धियों की सराहना की, लेकिन कांग्रेस ने विदेशी मेहमानों के सामने ‘ड्रामा’ कर देश को बदनाम करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार से निराश कांग्रेस देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस को ‘एमएमसी’ करार और माओवादियों पर आरोप
मोदी ने माओवादियों पर भी संविधान और लोकतंत्र से घृणा करने का आरोप लगाते हुए कहा, “इतिहास गवाह है कि मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी और उसी कारण देश का विभाजन हुआ। आज कांग्रेस भी वैसा ही व्यवहार कर रही है।” प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को ‘एमएमसी—मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस’ करार देते हुए आरोप लगाया कि वह संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने वाली ताकतों के साथ खड़ी है।
सैनिकों के सम्मान और रक्षा सौदों पर सरकार की प्राथमिकता
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पर सशस्त्र बलों को कमजोर करने और रक्षा सौदों में घोटालों के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकार के समय रक्षा सौदों में बड़े घोटाले हुए और सैनिकों को ‘वन रैंक वन पेंशन’ का लाभ वर्षों तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सैनिकों के सम्मान और सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी है।
इजराइल दौरे और राजस्थान के वीर सैनिकों का स्मरण
प्रधानमंत्री ने अपने हालिया इजराइल दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां आज भी राजस्थान के वीर मेजर दलपत सिंह के शौर्य को गर्व से याद किया जाता है। उन्होंने इजराइल की संसद में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिलने की बात कही और हाइफा की मुक्ति में राजस्थान के सैनिकों की भूमिका का स्मरण किया। उन्होंने अजमेर को आस्था और शौर्य की भूमि बताया।
राजस्थान में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान में भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार ने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं और राज्य विकास के नए पथ पर अग्रसर है। शहरी विकास, पेयजल, सड़क, सिंचाई, ऊर्जा और औद्योगिक अवसंरचना से जुड़ी लगभग 17 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई परियोजनाएं राज्य की जनता की सुविधा बढ़ाएंगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगी।
भर्ती परीक्षाओं में सुधार और युवाओं को नियुक्ति पत्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और भ्रष्टाचार की खबरें आती थीं, लेकिन अब इस पर सख्ती से रोक लगाई गई है। उन्होंने मंच से 21,800 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने की जानकारी दी और इसे बड़ा बदलाव बताया।
एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत
युवा सशक्तीकरण और महिला स्वास्थ्य पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने 14 वर्ष की आयु की लड़कियों के लिए ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह पहल सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और देश की बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग और पेयजल परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें बांदीकुई-जयपुर 4-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, अमृतसर-जामनगर आर्थिक कॉरिडोर के पैकेज-7 का 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीन हाई-वे और दिल्ली-वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के पैकेज-14 का 8-लेन कैरिजवे शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जोधपुर में 4-लेन एलिवेटेड रोड तथा बारां जिले में मालबमोरी-मंगरोल-बारां राज्य राजमार्ग की आधारशिला रखी गई।
नवीकरणीय ऊर्जा और ट्रांसमिशन सिस्टम का उद्घाटन
सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नोनेरा और परवन अकावाद प्रमुख पेयजल परियोजनाओं के विभिन्न पैकेजों की नींव रखी गई। राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री ने रिन्यूएबल एनर्जी जोन से बिजली निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणालियों का उद्घाटन किया। उन्होंने पांच 220 केवी और दो 400 केवी ग्रिड सबस्टेशन सहित संबंधित ट्रांसमिशन लाइनों की आधारशिला रखी।













