गत 21-23 फरवरी तक गाजियाबाद के कैलाश मानसरोवर परिसर में राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय कार्यकारिणी एवं प्रतिनिधि मंडल बैठक आयोजित हुई। इसमें 38 प्रांतों से 108 प्रतिनिधि उपस्थित रहीं।
इसके समापन पर समिति की प्रमुख संचालिका शांता कुमारी ने कहा कि ‘स्त्री और पुरुष एक ही तत्व के अंश हैं’, यही हिंदू विचार है। उपनिषदों में भी इसका उल्लेख है। उन्होंने कहा कि स्वावलंबी, निडर, आत्मविश्वास और चारित्र्य संपन्न युवा किसी भी राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होती है।
साथ ही जिसमें उत्साह और विवेक का संतुलन है, वही युवा है। सकारात्मक विचार से प्राप्त ऊर्जा युवाओं के लिए सबसे बड़ी पूंजी है। ऐसे युवा का निर्माण करना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सशक्त नेतृत्व, जिम्मेदार नागरिक और सुसंगठित समाज का निर्माण हमें करना है।
प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री ने बैठक की गतिविधियों और आगे करने वाले कार्यों का विवरण देते हुए बताया कि आज समाज और परिवार में हिंदू विचारों के लिए अनुकूलता का वातावरण है। इस स्थिति में सामूहिकता और अनुशासन का पालन करते हुए समाज परिवर्तन के लिए प्रयास करना है।

















