गुजरात

राजकोट के जंगलेश्वर में 3 दिन मेगा डेमोलिशन : 350 करोड़ रुपये की ज़मीन हुई अतिक्रमण मुक्त, 1509 अवैध मकान हुए ध्वस्त

राजकोट के जंगलेश्वर इलाके में 3 दिन की मेगा डेमोलिशन ड्राइव में ध्वस्त हुआ क्राइम का गढ़, हटाए गए 1509 अवैध मकान। राजकोट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने खाली कराई 350 करोड़ की जमीन।

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सोनल अनडकट

कर्णावती । राजकोट के संवेदनशील इलाके जंगलेश्वर में तीन दिन की मेगा डेमोलिशन ड्राइव में गैर-कानूनी कब्ज़े हटाए गए हैं। जंगलेश्वर इलाके में बड़ी संख्या में मुस्लिम रहते थे और इस क्राइम के अड्डे को गिराने का फ़ैसला तब किया गया जब यह पता चला कि क्रिमिनल एक्टिविटीज़ में शामिल ज़्यादातर लोग जंगलेश्वर इलाके से थे।

राजकोट के इतिहास की सबसे बड़ी डेमोलिशन ड्राइव में, जंगलेश्वर इलाके में 88,750 स्क्वायर मीटर ज़मीन पर फैले 1509 अवैद्य मकान हटाए गए हैं और कुल 350 करोड़ रुपये की ज़मीन खाली करवाई गई है।

TP रोड और आजी नदी का तट कराया गया खाली

इस डेमोलिशन ड्राइव के दौरान राजकोट में बापूनगर से नादोदानगर TP रोड और आजी तट से अवैद्य कब्जा हटाया गया है। इस ज़मीन की कीमत 350 करोड़ रुपये आंकी गई है। पूरे ऑपरेशन के दौरान 1512 कर्मचारियों और 261 मशीनों का इस्तेमाल किया गया।

कोर्ट में पेंडिंग 1358 घरों का मामला

जंगलेश्वर इलाके में कलेक्टर के ज़रिए शुरू किए गए डिमोलिशन के खिलाफ कोर्ट में पिटीशन फाइल की गई थी, और कोर्ट ने 1358 घरों के खिलाफ डिमोलिशन एक्शन पर रोक लगा दी थी। इस मामले में अब 6 मार्च की तारीख दी गई है। जिसकी वजह से इस इलाके में डिमोलिशन की कार्रवाई नहीं हो सकी।

30 हजार नए घर बनाएगी RMC

जंगलेश्वर में डिमोलिशन के बाद अब राजकोट म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने ऐलान किया है कि वह अगले 5 सालों में 30 हजार नए घर बनाएगी। इससे पहले भी RMC इस इलाके में 37 हजार घर बना चुकी है। जंगलेश्वर इलाके के 873 परिवारों को घर दिए जा चुके हैं।

मानसून में बाढ़ से मिलेगी राहत

जंगलेश्वर में आजी नदी के किनारे पर ही गैर-कानूनी दबाव डाला गया था, जिससे मानसून में बाढ़ जैसे हालात बन जाते थे और हर बार मानसून में इस इलाके से हजारों लोगों को निकालना पड़ता था। हालांकि, अब नदी के किनारे कंपाउंड वॉल बनाने का प्लान बनाया जाएगा ताकि बाढ़ के हालात से निपटा जा सके।

क्राइम का गढ़ हुआ ध्वस्त

यह बात सामने आई कि जंगलेश्वर में 200 से ज्यादा क्रिमिनल रह रहे थे। नयन मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने भी इसका जिक्र किया और कहा कि पहले भी जंगलेश्वर से पासा, ड्रग्स, जुआ, लड़ाई-झगड़े, मर्डर जैसे क्राइम में शामिल लोगों को पकड़ा गया था, जो क्राइम का गढ़ बन गया था। जंगलेश्वर से गैर-कानूनी दबाव हटाने का फैसला किया गया ताकि यह क्राइम और न बढ़े।

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