मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। फिल्म द केरल स्टोरी की तर्ज पर सामने आए इस प्रकरण में आरोप है कि एक संगठित गिरोह ने जरूरतमंद हिंदू युवतियों को रोजगार और बेहतर जीवन का लालच देकर अपने जाल में फंसाया, उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और बाद में देह व्यापार तथा धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया।
मतांतरण और देह व्यापार का संगठित गिरोह बेनकाब- पुलिस के अनुसार, ऐशबाग निवासी अमरीन खान उर्फ माहिरा इस गिरोह की सरगना है। वह सागर रॉयल विला में किराए से रह रही थी और आशिमा मॉल में संचालित एक स्पा सेंटर से जुड़ी हुई थी। अमरीन जरूरतमंद युवतियों से दोस्ती कर उन्हें सहारा देने का भरोसा दिलाती थी और फिर धीरे-धीरे उनका विश्वास जीतकर उन्हें अपने प्रेमी चंदन यादव और गिरोह के अन्य सदस्यों के सामने पेश करती थी। आरोप है कि उसने चंदन यादव को भी मतांतरित कर मुस्लिम बना लिया था।
नौकरी के झांसे में फंसाकर युवतियों से दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण- पहली पीड़िता 30 वर्षीय तलाकशुदा महिला है, जो दो बच्चों की मां है और केटरिंग का काम करती थी। वर्ष 2024 में आशिमा मॉल में उसकी मुलाकात अमरीन से हुई, जिसने उसे 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर बेबीसिटर की नौकरी का प्रस्ताव दिया। कुछ दिनों बाद वह अमरीन के साथ रहने लगी, जहां उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म का शिकार बनाया गया। इसके बाद उसे अन्य आरोपियों के पास भेजा गया और लगातार मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न किया गया। साथ ही नमाज पढ़ने, बुर्का पहनने और मुस्लिम युवक से शादी करने का दबाव भी डाला गया। दूसरी पीड़िता छत्तीसगढ़ की रहने वाली एक ब्यूटीशियन है, जिसने भी इसी तरह के शोषण की शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि बेहतर नौकरी के लालच में उसे भोपाल बुलाया गया, जहां उसके साथ जबरन संबंध बनाए गए और प्रताड़ित किया गया। जब उसने अपनी सहेली से मदद मांगी, तो उसे यह जानकर और गहरा आघात पहुंचा कि वह भी पहले इसी गिरोह का शिकार बन चुकी थी।
बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी के अनुसार, पुलिस ने अमरीन खान उर्फ माहिरा, आफरीन और चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। दो अलग-अलग मामलों में दुष्कर्म और मतांतरण की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
















