क्यों चर्चा में है हल्द्वानी का बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के पक्ष को क्यों माना, रिपोर्ट पढ़ें
September 17, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तराखंड

क्यों चर्चा में है हल्द्वानी का बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला? सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के पक्ष को क्यों माना, रिपोर्ट पढ़ें

बनभूलपुरा बस्ती हल्द्वानी के लिए आज ये सबसे बड़ी चिंता बनता जा रहा है, और इसके कई कारण हैं। यह सिर्फ़ एक पुलिस स्टेशन एरिया की प्रॉब्लम नहीं है, बल्कि पूरे शहर के लिए सिक्योरिटी, एडमिनिस्ट्रेटिव, और सोशल और डेमोग्राफिक बैलेंस का मुद्दा है।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो — edited by Mahak Singh
Feb 25, 2026, 11:22 am IST
inउत्तराखंड
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

जब आप हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर पहुँचेंगे और उतरेंगे, तो आपको पास में एक इलाका दिखेगा जहाँ मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं और कहा जाता है कि वहाँ गैर-कानूनी बस्ती है। यह बनभूलपुरा बस्ती है, यह गफूर बस्ती है जिसे ढोलक बस्ती के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ की बदबू और गंदगी देखकर एक पल भी नहीं लगता कि यह जगह किसी नर्क से कम नहीं है। जहां बाहरी राज्यों से आए लोगों ने सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लिया और वहां बस गए।

बनभूलपुरा बस्ती हल्द्वानी के लिए आज ये सबसे बड़ी चिंता बनता जा रहा है, और इसके कई कारण हैं। यह सिर्फ़ एक पुलिस स्टेशन एरिया की प्रॉब्लम नहीं है, बल्कि पूरे शहर के लिए सिक्योरिटी, एडमिनिस्ट्रेटिव, और सोशल और डेमोग्राफिक बैलेंस का मुद्दा है। सबसे पहले, बनभूलपुरा में अवैध और अनियंत्रित बसावट की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। दशकों तक, बिना इजाज़त के सरकारी ज़मीन पर घर और दुकानें बनाई गईं, जिससे सड़कें छोटी हो गईं और शहर के नक्शे में अव्यवस्था फैल गई।

प्रशासन ने कई बार कार्रवाई करने की कोशिश की, लेकिन इसे मुस्लिम “सेंसिटिव एरिया” बताकर हमेशा पीछे हटना पड़ा। इस वजह से इलाका धीरे-धीरे कानून के दायरे से बाहर लगता गया।याद रखें, यह पूरा इलाका कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक है, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर अक्सर होती रही है। कांग्रेस के साथ-साथ समाजवादी पार्टी ने भी बनभूलपुरा को एक वोटबैंक की तरह इस्तेमाल किया।

अपराधियों का गढ़

उत्तराखंड के सबसे ज्यादा अपराध और अपराधियों की पनाह लेने वाला बनभूलपुरा थाना क्षेत्र माना जाता है, खनन तस्करी,लकड़ी चोरी, ड्रग्स, से जुड़े अपराधों के अलावा यहां हर तरह के चोर ,अपराधी पनाह लेते रहे है और पुलिस प्रशासन के लिए सरदर्द बनते रहे है। दूसरी बड़ी चिंता है डेमोग्राफिक असंतुलन।

बनभूलपुरा अब शहर के बाकी हिस्सों से अलग पॉकेट जैसा बन गया है। पुराने रहने वाले मुस्लिम  खुद को वहां “अजनबी” महसूस करने लगे हैं। जब किसी इलाके में आबादी का संतुलन बिगड़ता है, तो संवाद कम और असुरक्षा की भावना ज्यादा बढ़ती है। बाहरी राज्यों से आए मुस्लिम लोगों ने यहां के पुराने वाशिंदों को भी असहज किया है।जब तक यहां की आबादी कुछ हजार थी हल्द्वानी में अमन चैन का माहौल था जबसे बाहरी राज्यों के लोगों ने यहां आकर सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण किया तब से यहां हालात बिगड़ते चले गए।

तीसरी चिंता प्रशासनिक कमजोरी है

जब कोई भी कदम उठाने से पहले यह सोचना पड़े कि इससे विवाद या हिंसा बढ़ सकती है, तो इलाका धीरे-धीरे “नो-गो ज़ोन” जैसा महसूस होने लगता है। 2024 में अतिक्रमण हटाने की कोशिश के दौरान हुई हिंसा ने यह साफ कर दिया कि अब मामला सिर्फ जमीन का नहीं रहा, बल्कि कानून-व्यवस्था की चुनौती बन गया है। बनभूलपुरा की समस्या पूरे शहर पर मनोवैज्ञानिक असर डाल रही है। लोग डरने लगे हैं कि उनका इलाका सुरक्षित नहीं है और भविष्य में इसी तरह अन्य हिस्सों में भी तनाव फैल सकता है। यह चेतावनी है कि अगर धामी सरकार ने समय रहते अवैध निर्माण, डेमोग्राफिक असंतुलन और प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो हल्द्वानी जैसे शहरों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

अतिक्रमण का मामला सुप्रीम कोर्ट में बनभूलपुरा रेलवे जमीन पर अवैध बस्ती अतिक्रमण का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। पुराने रहने वाले मुस्लिम मानते है कि बाहरी क्षेत्रों से आए मुस्लिमों ने यहां अवैध कब्जे किए जिसका खामियाजा उन्हें भी भुगतना पड़ रहा है। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 24 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई में जजों की खंडपीठ ने स्पष्ट कर दिया कि ये सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है और इसे हटाया जाएगा।
धामी सरकार,रेलवे मंत्रालय और भारत सरकार इस मामले में अपना पक्ष रख चुके है। अतिक्रमण करने वाले भी सलमान खुर्शीद प्रशांत भूषण जैसे बड़े वकील लेकर अपना पक्ष कोर्ट में रख चुके है।

बनभूलपुरा में आवास योजना हेतु 19–31 मार्च तक कैंप

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के इस पक्ष को भी माना है कि वो अवैध रूप से कब्जेदार  को पात्रता के आधार पर पीएम आवास जैसी योजनाओं का लाभ दे सकती है और जो पात्र नहीं है उन्हें दो हजार रु महीना छ माह तक दे सकती है। रेलवे और राज्यसरकार के वकीलों ने कोर्ट में कहा है कि जो बाहरी राज्यों से आए अतिक्रमण करने वाले लोग है वो अपने राज्य में जाकर आवेदन करे। कोर्ट ने 19 मार्च से 31 मार्च तक जिला विधिक प्राधिकरण और जिला प्रशासन की देखरेख में बनभूलपूरा क्षेत्र में कैंप लगा कर आवास योजना के लाभार्थियों लिए आवेदन लिए जाने और उनका परीक्षण किए जाने को निर्देशित किया है। जिसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।  सुप्रीम कोर्ट को 19 मार्च के बाद यानि ईद के बाद अपना फैसला सुनाएगा , इसी का इंतजार सभी को है।

Topics: illegal encroachmenthaldwani railway stationDemographic ImbalanceBanbhulpura Bastigovernment land grabbingMuslim outsiderscrime and smugglingUttarakhand NewsSupreme CourtHaldwani News
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

शिकायतकर्ता से सीधे बात करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

सीएम धामी ने अफसरों के सामने शिकायतकर्ता को लगाई कॉल, तुरंत कार्रवाई के दिए निर्देश

Haldwani Ex Servicemen Conference Nitin Nabin Address Uttarakhand Veterans Panchjanya

हल्द्वानी में पूर्व सैनिक सम्मेलन : नितिन नवीन बोले- सैनिक देश के सुख, शांति और स्वतंत्रता के आधार

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: 10 सितंबर को SC करेगा मामले की सुनवाई; हादसे में हुई थी 7 की मौत

बाजपुर में 4 और मदरसों पर चला धामी सरकार का ताला, बिना मान्यता चल रहे मदरसों पर बढ़ी सख्ती

विदेशों तक पहुंचा पतंजलि का आयुर्वेद मॉडल, 88 देशों के मरीज करा चुके हैं इलाज; सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

देहरादून में टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए सीएम धामी

Load More

ताज़ा समाचार

हिंदू युवती पर कार चढ़ाता शाहनवाज

“आज इसे जान से मार दो…”: हिंदू युवती से आयुष ठाकुर बनकर मिला था शाहनवाज, लव जिहाद का आरोप

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर कालसी में मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण किया।

हरीपुर कालसी में गूंजा मां यमुना का जयघोष, मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिमा का अनावरण

विवेकानंद जी से भागवत जी तक कैसे कायम रही भारत की विचार परंपरा?|

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा : आस्था और भक्ति की जीवंत अभिव्यक्ति

जम्मू-कश्मीर पुलिस

‘भाग सकते हो, छुप नहीं सकते”: मुठभेड़ में मारे गए जैश के 2 पाकिस्तानी आतंकी मुस्तफा और सद्दाम

हनुमान अंश : परदे पर लौटता भारत

कल का मौसम: 18 सितंबर को UP के 11 जिलों में बारिश; दिल्ली से लेकर बिहार तक फिर बिगड़ेगा मौसम का हाल

बंगाल में 2027 से स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई जायेगी डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी

भगवान राम की प्रतिमा का निर्माण कार्य रुकवाया गया था। दाएं पीड़ित हिंदू देबाशीष रॉय।

बांग्लादेश में एक और हिंदू बना निशाना: ‘तौहीद जनता’ के आगे क्यों फिर झुकी सरकार?

मकसूद अली तमिलनाडु से हुआ गिरफ्तार

अलकायदा से जुड़ा आतंकी तमिलनाडु से गिरफ्तार, यूपी एटीएस ने पाकिस्तान कनेक्शन का किया खुलासा

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies