भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य विधानसभा को जानकारी दी कि ओडिशा में वर्तमान में लगभग 40 सक्रिय माओवादी काम कर रहे हैं। उनकी मौजूदगी छह जिलों कालाहांडी, रायगड़ा, कंधमाल, बौध, बलांगीर और बरगढ़ में चिन्हित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जिलों के चुनिंदा इलाकों में छोटे-छोटे माओवादी समूह अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के कारण राज्य में माओवादी समस्या की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हुई है।
पिछले पांच वर्षों के आंकड़े पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा बलों ने 48 माओवादियों को मार गिराया है और 78 को गिरफ्तार किया है, जबकि इसी अवधि में 82 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। वर्ष 2025 में ही चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 25 माओवादी मारे गए। उन्होंने सदन को यह भी बताया कि केंद्र सरकार की सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर (SRE) योजना के तहत फिलहाल केवल कंधमाल जिला “अन्य एलडब्ल्यूई प्रभावित जिला” श्रेणी मं रखा गया है। वहीं मलकानगिरी, कोरापुट, नुआपड़ा, नबरंगपुर, कालाहांडी, रायगड़ा, बौध और बलांगीर जिलों को “लेगेसी एंड थ्रस्ट जिला” श्रेणी में शामिल किया गया है।

सरकार की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खुफिया सूचना आधारित कॉम्बिंग ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन अभियान को और मजबूत किया गया है। सुरक्षा बलों को ड्रोन, यूएवी इंटरसेप्टर, अत्याधुनिक हथियार और उन्नत संचार प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। पुलिस की क्षमता बढ़ाने के लिए काउंटर-इंसर्जेंसी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भी विस्तार किया गया है।
माझी ने बताया कि अब माओवादी विरोधी अभियान उप-मंडल स्तर पर समन्वित तरीके से चलाए जा रहे हैं, साथ ही खुफिया नेटवर्क को मजबूत कर माओवादियों की आपूर्ति श्रृंखला को भी बाधित किया जा रहा है। सुरक्षा उपायों के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है तथा माओवादियों से हिंसा छोड़कर पुनर्वास नीति का लाभ लेने की अपील की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि 22 फरवरी को कंधमाल जिले के नंदाबाड़ी जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो माओवादियों के मारे जाने के बाद राज्य माओवादी मुक्त होने के लक्ष्य के और करीब पहुंचा है। मुठभेड़ के बाद वरिष्ठ माओवादी नेताओं की मौजूदगी की आशंका के आधार पर क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान जारी है। हालात में सुधार के बावजूद संवेदनशील इलाकों में प्रशासन सतर्क बना हुआ है और सुरक्षा व विकास दोनों मोर्चों पर समानांतर प्रयास जारी हैं।
















