मऊ जनपद की घोसी चीनी मिल को वर्षों से हो रही क्रमिक हानि इत्यादि के कारण व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। इसकी कारण से कृषकों के अवशेष गन्ने को वर्तमान पेराई सत्र की शेष अवधि हेतु निकटवर्ती सहकारी चीनी मिल सठियांव, जिला-आजमगढ़ को व्यावर्तित करने का आदेश गन्ना आयुक्त श्रीमती मिनिस्ती एस द्वारा तारीख 20 फरवरी, 2026 को जारी किया गया।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने लिखा पत्र
इस पर संज्ञान लेते हुए नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में एक शर्मा ने लिखा है कि वर्तमान पेराई सत्र के अंत में जारी किया गया यह आदेश अनावश्यक, आकस्मिक, असामयिक और आश्चर्यजनक है। इसके कारण मऊ जिले के गन्ना किसानों को आज़मगढ़ जिले की सठियांव मिल में जाना पड़ेगा।
इस वजह से मऊ के गन्ना किसानों में व्यापक आक्रोश और असंतोष उत्पन्न हुआ है।
किसानों की समस्या को लेकर अधिकारियों से लगातार संपर्क
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने कहा है कि “किसानों को पड़ने वाली समस्या के दृष्टिगत कल से ही लगातार मैं गन्ना विभाग तथा शासन के विभिन्न अधिकारियों के संपर्क में था। उन्हें घोसी चीनी मिल का गन्ना इस सत्र में व्यावर्तित न करने हेतु आग्रह किया। उपरोक्त आदेश रद्द करने और तब तक हर हाल में घोसी मिल के गेट पर ही गन्ना लेने का आग्रह किया।मुझे आश्वस्त किया गया है कि जो गन्ना घोसी मिल पर पहुंच चुका है या जिसका इंडेंट हो चुका है उसकी पेराई पूर्ववत वहीं पर चालू रखी जाएगी। किसी भी हालत में वर्तमान सत्र में घोसी चीनी मिल के गेट पर ही उस क्षेत्र का गन्ना लिया और पेरा जाएगा। मेरी ओर से यह भी कहा गया है कि घोसी मिल का गन्ना व्यावर्तित करने या मिल बंद करने का निर्णय तुरंत रद्द हो और इस दरम्यान उपरोक्त दोनों बिंदुओं पर क्रियान्वयन हो।”
घोसी चीनी मिल बंद करने का निर्णय घातक बताया
ए के शर्मा ने कहा कि घोसी चीनी मिल को बंद करने का विचार या निर्णय बहुत ही घातक और विस्फोटक हो सकता है। मऊ के लोग ऐसे निर्णय को कदापि स्वीकार नहीं करेंगे। अतः भविष्य में इस मिल को सुचारू रूप से चलाने के लिए मिल प्रबंधन के साथ वार्ता कर मऊ जिले के गन्ना किसानों के हित में घोसी मिल का विकास करने का भी आग्रह है। इस पुनीत कार्य में हमारा पूर्ण सहयोग रहेगा।
















