लखनऊ । नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने गत 21 फ़रवरी को प्रदेश के गन्ना मंत्री एवं मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, तथा गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ अनेक बार हर पहलू पर बात की। इस विषय की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी जी, जो इस समय विदेश दौरे पर हैं, उनसे भी विस्तार से फ़ोन पर बात की।
ए के शर्मा ने कहा कि मैं एक बार पुनः यह स्पष्ट करता हूं कि घोसी चीनी मिल कभी भी बंद नहीं होगी और आगे चलकर इसका आधुनिकीकरण और विकास किया जाएगा। मैं अपनी पूरी शक्ति के साथ किसानों के साथ खड़ा हूँ। वर्तमान में मिल की तकनीकी परिस्थितियों के दृष्टिगत हाल में गन्ना विभाग द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि:
ए के शर्मा ने कहा कि दो-तीन दिन पहले तक जो गन्ना घोसी मिल पर पहुंच चुका था या जिसका इंडेंट हो चुका था उसकी पेराई पूर्ववत वहीं पर हो गई। इसके अतिरिक्त अब आने वाले गन्ने को भी हर हालत में घोसी चीनी मिल के गेट पर ही लिया जाएगा। इसी व्यवस्था के तहत पर्चियाँ जारी की जा रही हैं। इस सत्र में आने वाले गन्ने का पूरा और पूर्ववत मूल्य (रुपया 400 प्रति क्विंटल) घोसी मिल पर ही भुगतान किया जाएगा।
पूर्व के जीएम की रिपोर्ट अनुसार घोसी मिल की ख़राब तकनीकी स्थिति के दृष्टिकोण से इस सत्र की बाक़ी गन्ना पेराई के बारे में गन्ना का विभागीय प्रबन्धन निर्णय लेगा। परंतु सारा परिवहन का खर्च स्वयं विभाग वहन करेगा। इस संदर्भ में किसानों से कोई भी कटौती नहीं की जाएगी। कुछ लोगों के उकसाने पर चलती-चलाती मिल के बारे में अनावश्यक प्रश्न खड़ा करके किसानों में असंतोष पैदा करने के लिए तत्कालीन जीएम को हटाया गया है।
मैने गन्ना विभाग को निर्देशित किया है कि वर्तमान सत्र में मऊ के किसानों को कोई असुविधा न होने दी जाय। किसान भाई अपना गन्ना जल्दी से जल्दी घोसी मिल पर ले आवें। उसे पूर्ण कीमत के साथ वहीं पर ले लिया जाएगा। इस संदर्भ में कोई तकलीफ़ पड़े तो मुझे सूचित करें।

















