आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निजामाबाद में पुलिस ने एक शातिर व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने सरहदों और दस्तावेजों के साथ बड़ा खिलवाड़ किया। आरोपी ने पहचान बदलकर मलेशिया की नागरिकता हासिल की और फिर भारत लौटकर ‘प्रवासी भारतीय’ होने के बावजूद खुद को भारतीय नागरिक बताकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाता रहा।
कैसे हुआ खुलासा
कूट रचित दस्तावेजों के सहारे दो देशों की पहचान का यह जालसाज तब सामने आया, जब विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान उसने मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने की कोशिश की। अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी के अनुसार, आरोपी का असली नाम मो. कुद्दूस उर्फ कुद्दूस पुत्र अली रजा है। विदेश जाने और वहां की नागरिकता हासिल करने के लिए उसने दस्तावेजों में हेराफेरी की थी।
आरोपी ने अपना नाम बदलकर मोहम्मद कुद्दूस बिन रज्जाग शाह कर लिया और इसी पहचान पर मलेशिया का पासपोर्ट तथा नागरिकता प्राप्त कर ली। इसके अलावा, उसने भारत में रहने के लिए ओसीआई कार्ड भी बनवा लिया था। कुद्दूस ने पूछताछ में बताया कि किसान सम्मान निधि का पैसा जिस खाते में आता था, उसका संचालन उसका बेटा करता था। यह मामला लंबे समय से चल रहा था और पुलिस इस कृत्य का राजफाश करने में जुटी हुई थी।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है ताकि अन्य संभावित आरोपियों का भी पता लगाया जा सके। जांच के दौरान यह चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई कि विदेशी नागरिकता और ओसीआई कार्ड होने के बावजूद कुद्दूस ने ग्राम सुराई की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा रखा था। वह एक भारतीय नागरिक की तरह तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहा था। हाल ही में चलाए गए विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान भी उसने फॉर्म भरकर जालसाजी का प्रयास किया।
लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग करता है शमीम
पुलिस के अनुसार कुद्दूस के तीन बेटे हैं। इनमें शमीम लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है, सलीम आजमगढ़ के मंडलीय चिकित्सालय में संविदा पर लैब टेक्नीशियन है और वसीम ब्लॉक प्रमुख के साथ रहता है। कुद्दूस का पूरा परिवार यहीं निवास करता है। वह हाल ही में ईद के अवसर पर घर आया था। पुलिस के संज्ञान में मामला आने के तुरंत बाद निजामाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था, जिसके बाद साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

















