राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर इन दिनों पूरे देश में हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं। संघ की योजना के अनुसार ऐसे 1,00,000 से अधिक सम्मेलन होने हैं। अब तक हजारों सम्मेलन हो चुके हैं। कच्छ से कछार और कश्मीर से कन्याकुमारी तक ये सम्मेलन हो रहे हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि इन सम्मेलनों का आयोजन सर्व समाज कर रहा है। सुदूर गांवों और बस्तियों में हो रहे इन सम्मेलनों में समाज के हर वर्ग के लोग बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं।
इनके अधिकतर वक्ता भी स्थानीय समाज के होते हैं। इससे समाज में एक अलग तरह का वातावरण बन रहा है। इन सम्मेलनों में बच्चों और महिलाओं की भी भागीदारी हो रही है। बच्चे जहां अपने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सम्मेलनों को लोकप्रिय बना रहे हैं, वहीं महिलाएं उन बच्चों को तैयार करने में लगती हैं।
कहीं-कहीं तो महिलाएं सम्मेलन की पूरी व्यवस्था भी संभाल रही हैं। पूरी तरह जन सहयोग से होने वाले इन सम्मेलनों से समाज में समरसता और जागरूकता बढ़ रही है।

















