नई दिल्ली के भव्य भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में पीएम मोदी ने दुनियाभर से आए तकनीकी दिग्गजों और नीति निर्माताओं को संबोधित किया। इस सम्मेलन में सुंदर पिचाई (गूगल), सैम ऑल्टमैन (ओपन एआई), और अलेक्जेंड्रा वांग जैसे दुनिया के दिग्गज एआई लीडर्स ने शिरकत की। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारत AI को डर के रूप में नहीं, बल्कि अवसर और भविष्य के रूप में देखता है।
क्या है ‘MANAV’ विजन?
प्रधानमंत्री ने MANAV शब्द के माध्यम से एआई के विकास और तैनाती के लिए पांच सूत्रीय फार्मूला दुनिया के सामने साझा किया। इसका मतलब है :
- M (Moral and Ethical System): नैतिक और चारित्रिक प्रणाली
- A (Accountable Governance): जवाबदेह शासन
- N (National Sovereignty): राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान
- A (Accessible and Inclusive): सुलभ और समावेशी तकनीक
- V (Valid and Legitimate): वैध और न्यायसंगत उपयोग
पम्मोदी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के केंद्र में नैतिक मूल्य और संस्थागत जवाबदेही होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एआई को इस तरह विकसित किया जाना चाहिए कि वह देशों की संप्रभुता और लोगों की गोपनीयता का सम्मान करे।
एआई का लोकतंत्रीकरण और ग्लोबल साउथ
पीएम मोदी ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही कि आधुनिक तकनीक कुछ मुट्ठी भर देशों या बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें एआई का लोकतंत्रीकरण करना होगा। इसे समावेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बनना चाहिए।” उन्होंने विशेष रूप से ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) का जिक्र करते हुए कहा कि एआई इन देशों के विकास की गति को तेज करने का एक बड़ा जरिया बन सकता है।
मशीन की बुद्धिमत्ता बनाम मानव क्षमता
एआई के कारण रोजगार खोने के डर पर प्रधानमंत्री ने सकारात्मक दृष्टिकोण पेश किया। उन्होंने कहा कि एआई मानव क्षमता को प्रतिस्थापित (रिप्लेस) नहीं करेगा, बल्कि उसे कई गुना बढ़ा देगा। मोदी के अनुसार, “आज असली सवाल यह नहीं है कि एआई क्या कर सकता है, बल्कि यह है कि मनुष्य एआई के साथ मिलकर क्या चमत्कार कर सकता है।” उन्होंने एआई को सभ्यता की दिशा बदलने वाला एक ऐतिहासिक ‘टर्निंग पॉइंट’ करार दिया।
AI समिट का लक्ष्य और वैश्विक भागीदारी
पांच दिनों तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन का मुख्य फोकस तीन स्तंभों पर आधारित है: पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)। इस आयोजन का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एआई कैसे जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य और साझा आर्थिक विकास जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में मदद कर सकता है। सम्मेलन के चौथे दिन पीएम मोदी ने दुनिया के शीर्ष टेक सीईओ के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाकर भारत की बढ़ती डिजिटल शक्ति का संदेश दिया।

















