लखनऊ (हि.स.) । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा है कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। वह किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन से बसपा से नुकसान होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे भ्रामक खबरों पर ध्यान न देकर पार्टी को मजबूत करने में अपना सहयोग दें।
गठबंधन की खबरें फेक और मनगढ़ंत: बसपा प्रमुख
बसपा प्रमुख मायावती ने एक पत्रकारवार्ता में कहा है कि मीडिया में चर्चा है कि आगामी 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बसपा गठबंधन में लडेंगी। उन्होंने कहा कि यह विशुद्ध रूप से पार्टी कार्यकर्तओं और लोगों को गुमराह करने के लिए फेक न्यूज चलवाई गई हैंं। यह बिल्कुल गलत, झूठ और मनगढ़ंत खबर है। ऐसे में नेताओं के साथ-साथ मीडिया को भी इस प्रकार की कटी पतंग जैसी उड़ान भरके अपना मजाक खुद उड़ाने से बचना चाहिए।
रैली में भी कर चुकी हैं अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा
मायावती ने कहा कि वह एक बार नहीं बल्कि हर बार पार्टी की बैठक में यहां तक बीते नौ अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित विशाल रैली में भी इसकी खुली घोषणा की थी कि बसपा अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन कुछ लोग और मीडिया भी इनकी घिनौनी साजिश में पड़कर इस प्रकार की गलत खबर प्रचारित करके अपना समय और छवि दोनों बर्बाद कर रहे हैं। इस पर लोगों को बिल्कुल ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
कार्यकर्ताओं से मिशन 2027 पर फोकस रखने की अपील
मायावती ने कहा कि बसपा के लोग अपने 2027 के मिशन में अकेले पूरे जी-जान से लगे हुए हैं। जिस पर से उन लोगों को ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार की साजिश करते रहते हैं। पार्टी पदाधिकारियों से अपील है कि ऐसी मनगढ़ंत बातों पर कतई ध्यान न दें और वे हाथी के मस्त चाल चलते रहे और 2007 की तरह अकेले ही यह चुनाव लड़कर फिर से बसपा की, पूर्ण बहुमत की अपनी सरकार बनाए।
टाइप-8 सरकारी बंगले पर सुरक्षा और प्रोटोकॉल का हवाला
बसपा प्रमुख ने दिल्ली में आवंटित टाइप-8 सरकारी बंगले को लेकर हो रही चर्चाओं पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षा कारणों और प्रोटोकॉल के तहत यह सरकारी बंगला आवंटित हुआ है। इसको लेकर किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी फैलाना गलत है।
विरोधियों के षड्यंत्रों से सतर्क रहने की सलाह
बसपा प्रमुख ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आयेगा तो विरोधियों के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि के हथकंडे और बसपा को सत्ता से दूर रखने के षड्यंत्र बढ़ते ही जायेंगे, जैसा कि हमेशा से होता रहा है।
अम्बेडकरवादियों से मिशनरी भावना के साथ जुड़ने का आह्वान
इसलिए केवल यूपी ही नहीं बल्कि पूरे देश भर में सभी अम्बेडकरवादियों को विरोधियों के दांत खट्टे कर देने वाली केवल एकमात्र अपनी पार्टी व उसके नेतृत्तव पर भरोसा करके बाबा साहेब के आत्मसम्मान व स्वाभिमान के मूवमेंट को मजबूती प्रदान करने के लिए मिशनरी भावना के साथ इन्हें पूरे तन, मन, धन से लगे रहना बहुत जरूरी है।

















