उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश की एसटीएफ ने लोन कराने वाले गैंग के अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। लोन दिलाने के नाम पर लोगों से दस्तावेज ले लिया करते थे। उनके दस्तावेजों में हेर फेर करके फोटो को एडिट कर दिया जाता था और फिर गिरोह के सदस्यों की फोटो लगा करके लोन ले लिया जाता था।
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता राज बहादुर गुरुंग को व्यवसाय हेतु कुछ रूपयों की आवश्यकता थी जिसके लिए उसने अपने मित्र इंद्रजीत सिंह से बात किया था। इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उसका मित्र नावेद हसन, विभिन्न बैंको के मैनेजरों से परिचित है और वह लोन दिलवाने का काम करता है। इंद्रजीत के कहने पर शिकायतकर्ता राज बहादुर गुरुंग ने अपने दस्तावेज उसे दिये। लगभग 15 दिन बाद इंद्रजीत सिंह, राजबहादुर गुरंग को यूनियन बैंक आफ इंडिया शाखा जानकीपुरम मैनेजर गौरव सिंह के केबिन में ले गया। वहां पहले से एक फाइल रखी हुई थी जिसमें अंग्रेजी में टाइप किये हुए कई कागजात पूर्व से रखे हुए थे। उन लोगों ने राज बहादुर गुरुंग को अपने प्रभाव में लेकर उन कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिया था।
अगले दिन फिर इंद्रजीत ने बताया कि कुछ और सिग्नेचर बाकी हैं, जिसके लिए वह राज बहादुर गुरुंग को दोबारा बैंक ले गया। इस बार गौरव सिंह व नावेद हसन दोनों। वहां मिले और लगभग 15-20 जगह फिर से साइन करवाए गए। और कहा कि तुम्हारा काम जल्द ही हो जाएगा पर कुछ दिन बाद राज बहादुर गुरुंग ने पूछा तो नावेद ने मना कर दिया कि तम्हारा लोन नही हुआ। लगभग 5-6 महीने बाद राज बहादुर गुरुंग के मोबाइल पर ईएमआई ड्यू का मैसेज आया। तब राज बहादुर गुरुंग ने अपना सिविल स्कोर निकलवाया तो पता चला कि उसके नाम से दो लोन स्वीकृत हुए हैं।
इस मामले में गत 13 सितंबर 2025 को यूपी एसटीएफ द्वारा यूनियन बैंक आफ इंडिया के ब्रांच मैनेजर गौरव सहित 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर थाना साइबर क्राईम, लखनऊ में अभियोग पंजीकृत कराया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों से की गयी पूछतांछ व बरामद दस्तावेजों के विश्लेशण से ज्ञात हुआ कि गिरोह को नावेद के साथ मिलकर संचालित करने वाला मास्टर माइंड आमिर एहसन है।
मास्टरमाइंड आमिर एहसन की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे थे। आमिर अहसन को एसटीएफ व साइबर काइम पुलिस स्टेशन लखनऊ की संयुक्त टीम द्वारा आईआईएम रोड निकट सहारा होम्स थाना क्षेत्र मडियांव जनपद लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त आमिर अहसन ने बताया कि उसने वर्ष 2017 में यूनिटी कॉलेज हुसैनाबाद से ड्राफ्टमैन से डिप्लोमा किया। एक रिश्तेदार के माध्यम से 2018 में उसकी मुलाकात नावेद से हुई। नावेद के ऊपर 2017 में बैंक फ्रॉड करने के कारण एसबीआई बैंक के ब्रांच मैनेजर द्वारा एफआईआर दर्ज करायी गयी थी। जिसमें नावेद के अतिरिक्त तकी अब्बास, अवनीत कौर, कल्बे रजा आब्दी, जैन रिजवी, व तारिक के नाम प्रकाश में आये थे।
इसी के संबंध में आमिर की बात नावेद से होना शुरू हुई। कुछ दिन पश्चात रूपये कमाने के लिए फर्जी तरीके से लोन कराने का प्लान बनाया। जिसमें लोगों के आधार व पैनकार्ड पर लगे फोटो को एडिट कर उनके नाम पर किसी दूसरे को ले जाकर बैंक कर्मियों की मिली भगत से मुद्रा लोन योजना के अन्तर्गत अलग अलग बैंको से लोन निकालने का प्लान था। इसके बाद वर्ष 2019 में आमिर ने अपने परिचित विजय शुक्ला व शुभम मिश्रा से नावेद की मुलाकात कराई। शुभम मिश्रा ने नावेद को पंजाब एंड सिंध बैंक बिरहना के मैनेजर से मिलवाया। इसके बाद दूसरे के आधार व पैन कार्ड पर गिरोह के सदस्यों के फोटो लगाकर फर्जी पते पर कंपनी बनायी गयी।
कंपनी की कोटेशन बनाकर लोन करने का कार्य शुरू किया गया। पहले जनरेटर का लोन दस लाख रूपये नेशन क्रिएशन कम्पनी जो नावेद ने फर्जी आईडी पर बनायी थी। उस पर लिया गया। ये लोन अर्शद खान के नाम पर लिया गया था। इसमें नावेद की फोटो लगायी गयी थी व हस्ताक्षर भी नावेद ने किया था।
इस काम के लिए शुभम मिश्रा को 10 प्रतिशत कमीशन दिया गया। इसके बाद डायरेक्ट लोन कराया जाने लगा। इस गैंग के सदस्यों ने विभिन्न बैंको के मैनेजर से साठगांठ कर, फर्जी दस्तावेज के माध्यम से व फर्जी पते पर बनायी गयी कम्पनियों से कोटेशन दिया। इसके बाद दूसरे व्यक्तियों के दस्तावेजों पर लगी फोटो को एडिट कर उनकी फोटो की जगह अपने गिरोह के सदस्यों की फोटो लगाकर व उनके नाम से हस्ताक्षर कर मुद्रा लोन लेकर फ्राड किया जाने लगा। इस गैंग ने अब तक 100 से अधिक लोगों एवं फर्मों के नाम से लोन फर्जी तरीके से कराये हैं।
तथ्यों के आधार पर एसटीएफ को पता चला है कि इस गिरोह द्वारा फर्जी तरीके से कराये गये लोन से करोडों रूपयों अर्जित किये गये हैं। जिसके सम्बन्ध मे जांच की जा रही है। अभियुक्तों द्वारा बताये गये बैंक खाते, वालेट की जानकारी व गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। अभियुक्तों से बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों का फारेंसिक परीक्षण कराया जायेगा।











