नई दिल्ली : भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार को 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए राज्यसभा के दो साल में होने वाले चुनावों की घोषणा की है। 16 मार्च को वोटिंग होगी और उसी शाम वोटों की गिनती होगी। महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और बिहार की खाली हो रही राज्यसभा सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे।
ये सीटें अप्रैल महीने में अलग-अलग तारीखों को खाली हो रही हैं। राज्यसभा का कार्यकाल छह साल का होता है। हर एक तिहाई सीटों के लिए हर दो साल पर द्विवार्षिक चुनाव कराए जाते हैं। लोकसभा की तरह राज्यसभा कभी भंग नहीं होती है इसलिए इसे स्थाई सदन कहा जाता है।
किस राज्य की कितनी सीटें हो रही हैं खाली?
महाराष्ट्र (7), ओडिशा (4), तमिलनाडु (6), पश्चिम बंगाल (5), असम (3), बिहार (5), छत्तीसगढ़ (2), हरियाणा (2), हिमाचल प्रदेश (1) और तेलंगाना (2) में सीटें खाली हो रही हैं। ये सीटें अप्रैल 2026 में खाली हो जाएंगी। रिटायर होने वाले सदस्यों में शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता साकेत गोखले और राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं।
इन सीटों पर आखिरी बार 2020 के दो साल में होने वाले चुनावों में चुनाव लड़ा गया था। उस समय भाजपा (BJP) और उसके साथियों ने असम, बिहार, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में काफी सीटें हासिल की थी और इन राज्यों में पार्टी का दबदबा रहा। चुनाव आयोग के जारी शेड्यूल के मुताबिक, चुनावों के लिए नोटिफिकेशन 26 फरवरी को जारी किए जाएंगे। नॉमिनेशन फाइल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च है, नॉमिनेशन की स्क्रूटनी 6 मार्च को होगी और कैंडिडेट 9 मार्च तक अपना नॉमिनेशन वापस ले सकते हैं। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी। इसके बाद बाद शाम 5 बजे से काउंटिंग होगी। चुनाव का प्रोसेस 20 मार्च तक पूरा हो जाएगा।
















