नशे और बिगड़ी कानून व्यवस्था के चलते बैकफुट पर चल रही पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक बार फिर आपरेशन लोटस की शिगूफा छेड़ा है। संगरूर से आम आदमी पार्टी की विधायक नरिंदर कौर भराज ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर भाजपा की टिकट देने और बंद कमरे में बैठक का ऑफर का आरोप लगाया है। एक प्रेसवार्ता में भराज ने दावा किया कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया और कहा गया कि उनकी हर मांग पूरी की जाएगी। भराज ने आरोप लगाया कि भाजपा देशभर में चुनी हुई सरकारों को गिराने की कोशिश कर रही है।
आप के पंजाब स्टेट मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी पंजाब में लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पहले भी विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर चुकी है, लेकिन सफल नहीं हुई। पन्नू ने कहा कि पंजाब का कोई विधायक बिकाऊ नहीं है और भाजपा को आप मॉडल से सीख लेनी चाहिए।
भाजपा का पलटवार
हरियाणा सीएम के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे ने आरोपों को निराधार बताया। कहा कि मुख्यमंत्री सैनी को यह जानकारी तक नहीं है कि भराज किस क्षेत्र से विधायक हैं। अत्रे ने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता का ध्यान भटकाने के लिए झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने हरियाणा सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब सरकार अपनी गारंटियां पूरी करने में विफल रही है।
सबूत पेश करें, वरना माफी मांगे आप: शर्मा
संगरूर की विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पंजाब भाजपा के कार्यकारी प्रधान अश्विनी शर्मा ने कहा कि जब-जब आप सरकार डरती है, तब-तब नया ड्रामा खड़ा करती है। पंजाब में कानून-व्यवस्था की बदहाली, नशे के मुद्दे पर पूरी तरह असफल नीति और बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर आप सरकार बेनकाब होती है, तो आप तुरंत ऑपरेशन लोटस का नया शिगूफा छोड़ देती है। यह सच्चाई नहीं, बल्कि लोगों का ध्यान भटकाने की राजनीति है।
पहले भी वित्त मंत्री, पार्टी प्रधान और वरिष्ठ नेताओं ने डीजीपी के पास जाकर मोहाली में एफआईआर दर्ज करवाई थी। उसका क्या नतीजा निकला? वे सारे आरोप कहां गए? जांच रिपोर्ट कहां है? सबूत क्यों सामने नहीं आए? अब फिर आप की विधायक नरेंद्र कौर भराज ने वही आरोपों की दुकान खोल दी है। पंजाब की जनता अब केवल आरोप नहीं, ठोस सबूत मांगती है। अगर आपके पास वास्तविक तथ्य हैं तो सार्वजनिक करें। आपसे कौन मिला, कब मिला, क्या पेशकश हुई। सब कुछ सामने रखें। वरना लोगों को गुमराह करना बंद करें और माफी मांगें।
ऑपरेशन लोटस की झूठी कहानी
पहले चले आपरेशन लोटस के झूठ की कहानी सुनाई आप के पूर्व विधायक ने जालंधर वेस्ट के आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक और वर्तमान भाजपा नेता शीतल अंगुराल ने ‘ऑपरेशन लोटस’ को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा पर लगाए गए ‘ऑपरेशन लोट्स’ के आरोप पूरी तरह निराधार थे और यह एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा था। अंगुराल ने वरिष्ठ आप नेता राघव चड्ढा का नाम लेते हुए दावा किया कि विधायकों को मोहरा बनाकर जनता को गुमराह किया गया। अंगुराल के अनुसार, वर्ष 2022 में चंडीगढ़ स्थित कोठी नंबर 50 में एक गुप्त बैठक हुई थी, जिसमें रणनीति बनाई गई कि भाजपा के खिलाफ झूठी शिकायतों का नैरेटिव कैसे खड़ा करना है।
उन्होंने कहा कि उस समय वे नए विधायक थे और पार्टी लाइन के अनुसार कार्य करते रहे, लेकिन अब सच्चाई सामने लाना जरूरी समझते हैं। उनका दावा है कि विधायकों को 25-25 करोड़ रुपये के ऑफर वाली कॉल्स भी प्लांटेड थीं। प्रेस वार्ता में अंगुराल ने पंजाब पुलिस और विजिलेंस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि आरोप सही थे तो एफआईआर के बावजूद आज तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। अंगुराल ने यह भी कहा कि उनका व्यक्तिगत आईफोन अभी पुलिस के पास है, जिसमें कथित फर्जी कॉल्स की रिकॉर्डिंग मौजूद है।
अंगुराल ने आरोप लगाया कि जब भी सरकार का राजनीतिक ग्राफ गिरता है, तब ‘ऑपरेशन लोटस’ का मुद्दा उछाला जाता है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को जनता के सामने लगातार उठाते रहेंगे।

















