प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के करोड़ों किसानों को हर साल आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की मदद तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। हर चार महीने में 2,000 रुपये की एक किस्त सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। फिलहाल किसान पीएम किसान की 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, अभी तक 22वीं किस्त जारी करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि यह किस्त 31 मार्च से पहले कभी भी जारी की जा सकती है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी जानकारी समय रहते अपडेट कर लें, ताकि किस्त मिलने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
वेबसाइट पर जोड़ी गई नई सुविधाएं- पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर हाल ही में कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इनका उद्देश्य किसानों की समस्याओं को आसान तरीके से हल करना है। अब अगर किसी किसान की कोई जानकारी अधूरी है या गलत दर्ज हो गई है, तो वह उसे ऑनलाइन अपडेट कर सकता है। इसके अलावा किसान अपना मोबाइल नंबर भी बदल या अपडेट कर सकते हैं। इससे ओटीपी और जरूरी सूचनाएं सही समय पर मिल सकेंगी। अगर कोई व्यक्ति अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ ले रहा है, तो उसके लिए वेबसाइट पर ऑनलाइन रिफंड की सुविधा भी दी गई है। यानी वह अपनी गलती सुधारते हुए ली गई रकम को आसानी से वापस कर सकता है।
किस्त रुकने पर कहां करें संपर्क- अगर आपकी किस्त किसी वजह से रुक गई है या आपको अपनी पात्रता को लेकर कोई जानकारी चाहिए, तो आप वेबसाइट पर मौजूद “Search Your Point of Contact” विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। इसके जरिए आप अपने राज्य, जिले और ब्लॉक के नोडल अधिकारी का मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकते हैं और उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा वेबसाइट पर सरेंडर (लाभ छोड़ने) और सरेंडर वापस लेने की सुविधा भी दी गई है। यानी यदि आपने गलती से योजना का लाभ लेना शुरू कर दिया है या अब पात्र नहीं हैं, तो आप आसानी से लाभ छोड़ सकते हैं।
किन किसानों को योजना से किया जा सकता है बाहर- आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, सरकार ने कुछ संदिग्ध मामलों की पहचान की है, जो योजना के नियमों के अनुसार अपात्र हो सकते हैं। ऐसे मामलों में लाभ अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, जब तक कि उनका फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो जाता। निम्नलिखित किसानों को योजना से बाहर किया जा सकता है-
वे किसान जिन्होंने 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन का मालिकाना हक प्राप्त किया हो। एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों ने योजना में नामांकन कराया हो, जैसे पति-पत्नी दोनों या परिवार के अन्य सदस्य। ऐसे किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर “Know Your Status (KYS)” या “किसान ई-मित्र” चैटबॉट के माध्यम से अपनी पात्रता की स्थिति जांचें। हर किस्त जारी करने से पहले सरकार पीएम किसान लाभार्थी सूची को अपडेट करती है। किसान वेबसाइट पर जाकर अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव चुनकर आसानी से यह देख सकते हैं कि उनका नाम सूची में है या नहीं। इस लिस्ट में केवल उन्हीं किसानों के नाम होते हैं, जिन्हें अगली किस्त की राशि मिलने वाली होती है। इसलिए किस्त से पहले अपना नाम जांच लेना बेहद जरूरी है।














