Film Ghooskhor Pandat controversy: अभिनेता मनोज बाजपेयी की आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। उच्चतम न्यायालय ने भी गुरुवार को फिल्ममेकर नीरज पांडे को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि वो ऐसे शीर्षक का उपयोग करके समाज के एक हिस्से को बदनाम नहीं कर सकते हैं। आइए इस फिल्म को लेकर पूरा विवाद और सुप्रीम कोर्ट की फटकार को पांच बिंदुओं में विस्तार से समझते हैं।
#1. सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
फिल्म ‘घूसखाेर पंडित’ की रिलीज पर रोक लगाने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने फिल्म के नाम पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। फिल्म मेकर्स को एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
#2. फिल्म पर क्या लगा आरोप?
फिल्म ‘घूसखाेर पंडित’ के खिलाफ दायर की गई याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह जाति और धर्म पर आधारित स्टीरियोटाइप को बढ़ावा देती है। सांप्रदायिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों के लिए खतरा पैदा करती है।
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#3. किसने फाइल की थी ये याचिका?
याचिका भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय संगठन सचिव अतुल मिश्रा ने फाइल की है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका में फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी।
#4. नया नाम बताने के बाद रिलीज होगी फिल्म
जस्टिस बीवी नागरत्ना और उज्जल भुयान की बेंच ने फिल्म ‘घूसखाेर पंडित’ की एक याचिका पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय, सेंट्रल बोर्ड फॉर फिल्म सर्टिफिकेशन को भी नोटिस जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि आप ऐसे टाइटल का इस्तेमाल करके समाज के एक हिस्से को बदनाम क्यों कर रहे हैं? यह नैतिकता और पब्लिक ऑर्डर के खिलाफ है। जब तक आप हमें बदला हुआ नाम नहीं बताते हैं। हम आपको फिल्म रिलीज नहीं करने देंगे।
#5. फिल्म के रिलीज से पहले विरोध प्रदर्शन
फिल्म घूसखोर पंडित के नेटफ्लिक्स पर टीजर रिलीज होते ही इस फिल्म को लेकर विवाद होने लगा था। फिल्म के शीर्षक को लेकर देशभर के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इस फिल्म को ब्राह्मणों के खिलफ एक खास प्रकार के नैरेटिव को सेट करने वाला बताया जा रहा है।
#6. संत और ब्राह्मण समाज ने फिल्म के शीर्षक को अपमान करने वाला बताया
इस फिल्म को लेकर ब्राह्मण समाज में खासा आक्रोश है। फिल्म के शीर्षक को पूरे ब्राह्मण समाज का अपमान करने वाला बताया जा रहा है। जिसे लेकर ब्राह्मण समाज और साधु-संतों ने भी आपत्ति जताई है और कहा कि कैसे फिल्म के शीर्षक के जरिए आप पूरे ब्राह्मण समाज को टारगेट कर सकते हैं। इसे लेकर संतों ने पीएम मोदी को चिट्ठी भी लिखी है और इस फिल्म की रिलीज को रोकने की मांग की गई है।
















