नई दिल्ली: अभिनेता मनोज बाजपेयी की नई फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस फिल्म के शीर्षक को लेकर संतों से लेकर आम नागरिकों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। भोपाल में ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतर आया तो श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसे लेकर चिट्ठी लिखी है। जिसमें इस फिल्म को प्रतिबंधित करने और मेकर्स पर देशद्रोह की कार्रवाई करने की मांग की गई है। मेकर्स को इस फिल्म को लेकर लीगल नोटिस भी भेजा गया है। अब यह मामला अदालत तक पहुंच गया है।
क्यों हो रहा है इस फिल्म के टीजर को लेकर विवाद?
‘घूसखोर पंडित’ फिल्म का टीजर हाल ही में ओटीटी प्लेफॉर्म नेटफ्लिक्स ने जारी हुआ था। तभी से इस फिल्म के शीर्षक को लेकर बवाल मचा हुआ है। ब्रज के संतों में भी इस फिल्म को लेकर गुस्सा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज का कहना है कि ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ के नाम पर जानबूझकर ब्राह्मण समाज की छवि को धूमिल किया जा रहा है। ब्राह्मण समाज को कभी यूजीसी के बहाने कभी दलित उत्पीड़न के बहाने टारगेट किया जा रहा है। ब्राह्मण समाज ने हमेशा हिंदुस्तान को एक नई दिशा दी है।
उन्होंने कहा कि इस कलयुग में ब्राह्मण समाज को बदनाम करने के लिए ‘घूसखोर पंडत’ के नाम से फिल्म बनाई जा रही है। दिनेश फलाहारी महाराज ने फिल्म को प्रतिबंधित करने की मांग की है। उन्होंने पीएम मोदी से फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर पर देशद्रोह की कार्रवाई करने की मांग की है। पीएम मोदी को लिखी अपनी चिट्टी में उन्होंने लिखा है कि जब रामराज्य था, तब ब्राह्मणों की सलाह के बिना कोई भी शुभ कार्य संपन्न नहीं होता था। ब्राह्मण संपूर्ण विश्व के लिए पूजनीय हैं। लेकिन आज कुछ विधर्मी मानसिकता के लोग चंद रुपयों के लालच में इस समाज के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं। अब फिल्मों के जरिए उन्हें अपमानित किया जा रहा है।
फिल्म के शीर्षक को बदलने की हो रही है मांग
‘घूसखोर’ शब्द को पंडित के साथ जोड़ने से इस फिल्म को लेकर विवाद बढ़ रहा है। फिल्म के शीर्षक का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि इसके जरिए ब्राह्मणों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसी फिल्मों से जातिगत वैमनस्य बढ़ सकता है। ऐसे में सोशल मीडिया से लेकर संत समाज तक इस फिल्म के शीर्षक को बदलने की मांग कर रहा है। भोपाल में ‘घूसखोर पंडित’ शीर्षक को लेकर गुरुवार को ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतर आया और फिल्म का विरोध किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ब्राह्मण समाज ने चेतावनी दी कि अगर फिल्म रिलीज हुई तो पूरे देश में प्रदर्शन होगा।

















