बेटियों के सशक्तिकरण और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने एक सराहनीय पहल करते हुए ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ की शुरुआत की है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बालिकाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनकी शिक्षा को बिना किसी बाधा के जारी रखने में मदद करेगी। यह योजना वर्ष 2008 में शुरू की गई लाडली योजना का उन्नत और पुनर्गठित रूप है, जिसे समय की जरूरतों के अनुसार और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली की कोई भी बेटी केवल आर्थिक तंगी के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़े। सरकार चाहती है कि हर बालिका को आगे बढ़ने, अपने सपनों को साकार करने और आत्मनिर्भर बनने का पूरा अवसर मिले। यह योजना बेटियों के भविष्य में किया गया एक दीर्घकालिक निवेश है, जो आगे चलकर समाज और देश के विकास में सहायक बनेगा।
योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता- दिल्ली लखपति बिटिया योजना के तहत सरकार प्रत्येक पात्र बालिका को अधिकतम 56,000 रुपये की वित्तीय सहायता विभिन्न शैक्षणिक चरणों में किश्तों के रूप में प्रदान करेगी। यह राशि एक संरचित निवेश प्रणाली के तहत जमा की जाएगी, जिससे समय के साथ ब्याज जुड़ता रहेगा और परिपक्वता पर यह रकम 1 लाख रुपये से अधिक हो सकती है। यह पूरी राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। योजना के अंतर्गत बालिका के जीवन के महत्वपूर्ण शैक्षणिक चरणों पर धनराशि प्रदान की जाएगी। जन्म के समय 11,000 रुपये, कक्षा 1, 6, 9 में प्रवेश पर 5,000-5,000 रुपये, कक्षा 10 उत्तीर्ण करने पर 5,000 रुपये तथा कक्षा 12 में प्रवेश पर 5,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम पूरा करने पर 20,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इस प्रकार कुल राशि 56,000 रुपये तक पहुंचेगी।
पात्रता और शर्तें- यह योजना दिल्ली में जन्मी उन बालिकाओं के लिए लागू होगी, जिनके परिवार कम से कम तीन वर्षों से दिल्ली में निवास कर रहे हों और जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक न हो। एक परिवार की अधिकतम दो जीवित बालिकाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं। बालिका का पंजीकरण जन्म के एक वर्ष के भीतर या कक्षा 1, 6, 9, 11 तथा स्नातक/डिप्लोमा में प्रवेश के समय कराया जा सकता है। इस योजना की पूरी प्रक्रिया आवेदन से लेकर भुगतान तक पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी रखी गई है। इससे लाभार्थियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार चाहती है कि हर पात्र बेटी तक उसका हक बिना किसी बाधा के पहुंचे।
सरकार ने यह भी बताया कि पूर्व लाडली योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में परिपक्वता खाते अनक्लेम्ड पड़े थे। अब विशेष अभियान चलाकर अब तक 30,000 लाभार्थियों को 90 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं और जल्द ही 41,000 और बालिकाओं को 100 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस तरह कुल 190 करोड़ रुपये सही लाभार्थियों तक पहुंचाए जा रहे हैं।

















